पटना: बिहार के करीब 71 हजार प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के तहत रसोइयों और सहायकों की नियुक्ति अब बच्चों की वास्तविक संख्या के आधार पर की जाएगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी तेज कर दी गई है और सभी रिक्त पदों को एक माह के भीतर भरने का निर्देश जारी किया गया है।
मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्कूलवार छात्रों की संख्या ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर जल्द से जल्द अपलोड की जाए। इसी डेटा के आधार पर रसोइया और सहायकों की संख्या तय होगी।
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी विद्यालय में रसोइया या सहायक का पद एक माह से अधिक समय तक खाली रहता है, तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी को भी जिम्मेदार माना जाएगा।
विभागीय निर्देशों के अनुसार, पहले 2013 की अनुदेशिका के तहत कुल नामांकित छात्रों के 85 प्रतिशत के आधार पर नियुक्ति होती थी, जिसे बाद में घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया था। अब अद्यतन नामांकन के आधार पर ही नियुक्ति की जाएगी।
इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया गया है कि रसोइया या सहायक के सेवानिवृत्त होने, मृत्यु या इस्तीफा देने की स्थिति में पुराने पद को आधार नहीं माना जाएगा। बल्कि विद्यालय में वर्तमान नामांकन और तय मानकों के अनुसार रिक्तियों की गणना कर एक माह के भीतर नई नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी स्थिति में मध्याह्न भोजन योजना बाधित न हो और बच्चों को नियमित रूप से भोजन मिलता रहे।