मुंबई: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। मुंब्रा और दीवा रेलवे स्टेशन के बीच एक मुंबई लोकल ट्रेन से गिरने के कारण कम से कम पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ जब ट्रेन में भीषण भीड़ के चलते 10 से 12 यात्री चलती ट्रेन से नीचे गिर गए।
हादसे की वजह बनी भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन में खचाखच भीड़ थी, और कई यात्री दरवाजों पर लटककर सफर कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन में अचानक झटका लगने से कुछ यात्री संतुलन खो बैठे और ट्रैक पर गिर पड़े। घटना होते ही मौके पर रेलवे पुलिस और प्रशासन पहुंचा और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
रेलवे सेवाएं प्रभावित
सेंट्रल रेलवे ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह ट्रेन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर जा रही थी। हादसे के समय उसी रूट से गुजर रही कसारा लोकल और पुष्पक एक्सप्रेस से भी कुछ यात्रियों के गिरने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद नरेश म्हास्के ने घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि, “सरकार ट्रेनों की संख्या तो बढ़ा रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की है।”
बीजेपी विधायक संजय केलकर ने हादसे को “दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक” बताते हुए प्रशासनिक चूक की जांच और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की।
मुंबई लोकल पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर मुंबई लोकल की भीड़भाड़ और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लाखों लोगों की जीवनरेखा मानी जाने वाली मुंबई लोकल में आए दिन होने वाली ऐसी घटनाएं बताती हैं कि सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ाना काफी नहीं, बल्कि सुरक्षा इंतजामों में भी सुधार आवश्यक है।
रेलवे प्रशासन ने घटना की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे के बाद यात्रियों और नागरिक संगठनों की ओर से सुरक्षा इंतजामों में सुधार की मांग और तेज़ हो गई है।