नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर के बाद सोमवार दोपहर तीनों सेनाओं के महानिदेशकों (डीजी) ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जानकारी साझा करते हुए एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों के समर्थन का रास्ता चुना, जिसके चलते भारत को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
एयर मार्शल भारती ने स्पष्ट किया कि भारत की लड़ाई आतंकवाद और उसके नेटवर्क से है, न कि पाकिस्तानी सेना से। उन्होंने बताया कि भारतीय हथियार प्रणालियां समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और देश में बनी वायु रक्षा प्रणाली ‘आकाश’ ने शानदार प्रदर्शन किया है।
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आतंकी हमलों का स्वरूप बदल गया है और आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के पापों का घड़ा भर चुका था।”
एयर मार्शल भारती ने आगे कहा, “हमारी लड़ाई पाकिस्तानी सेना से नहीं है, लेकिन जब उन्होंने आतंकियों का साथ देना चुना, तो हमें जवाब देना पड़ा। हमने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और पीओके सहित पाकिस्तान में मौजूद आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को सफलतापूर्वक तबाह किया।”
उन्होंने यह भी बताया कि यह मजबूत वायु रक्षा तंत्र भारत सरकार की नीतिगत और बजटीय समर्थन से ही संभव हो पाया है।