कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस नेता शशि थरूर और मोदी सरकार की विदेश नीति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने मणिपुर हिंसा, विदेश नीति की विफलता और गुजरात में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सुखदेव भगत ने कहा कि शशि थरूर जैसे विद्वान नेता को देश के ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से बोलना चाहिए, न कि मोदी सरकार की तारीफों के पुल बांधने चाहिए। उन्होंने कहा, “थरूर जैसे बुद्धिजीवी नेता से अपेक्षा है कि वे अवसरवादी राजनीति से दूर रहें और देशहित में सकारात्मक व भविष्योन्मुखी चर्चा करें। बाढ़ के समय सांप, मैना और बिच्छू एक ही डाल पर बैठ जाते हैं, लेकिन यह विचारधारा नहीं, अवसरवादिता है।”
भगत ने विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भले ही 12 देशों ने नागरिक सम्मान दिया हो और उन्होंने 17 देशों की संसद को संबोधित किया हो, लेकिन वैश्विक मंचों पर भारत के साथ खड़े होने वाला कोई नहीं दिखा। उन्होंने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का उदाहरण देते हुए कहा कि उस वक्त भी भारत के साथ कोई देश नहीं खड़ा हुआ था।
मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए भगत ने कहा, “मणिपुर आज भी जल रहा है, लेकिन इस पर संसद या मीडिया में कोई चर्चा नहीं हो रही है। यह बेहद दुखद है।”
इसके अलावा, भगत ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की सराहना की जिसमें आधार को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की अनुमति दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बैंक खातों और अन्य सेवाओं में आधार अनिवार्य है, तो चुनाव प्रक्रिया में इसका उपयोग क्यों नहीं हो सकता?
उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए कहा, “मुझे संदेह है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है। फिर भी मैं आशा करता हूं कि आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करेगा तथा किसी राजनीतिक दल का खिलौना नहीं बनेगा।”