पटना :पटना के मीठापुर स्थित मल्टी मॉडल हब का निर्माण यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। करीब 236 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का उद्घाटन हुए 14 महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इसका पूर्ण संचालन शुरू नहीं हो सका है। इसके कारण सरकार को लगातार राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पार्किंग, दुकानें और रेस्टोरेंट अब भी बंद
मल्टी मॉडल हब में यात्रियों की सुविधा के लिए पार्किंग, रेस्टोरेंट, दुकानें और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की गई थीं। हालांकि, उद्घाटन के लंबे समय बाद भी इनका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। अधिकांश व्यावसायिक परिसर अब भी बंद पड़े हैं, जिससे आमदनी का प्रमुख स्रोत प्रभावित है।
14 महीने में करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान
संचालन शुरू नहीं होने के कारण पिछले 14 महीनों में सरकार को करोड़ों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हुआ है। व्यावसायिक इकाइयों के बंद रहने से किराया और अन्य आय प्राप्त नहीं हो सकी, जिसका सीधा असर परियोजना की आय पर पड़ा है।
यात्रियों को नहीं मिल रहीं पूरी सुविधाएं
मल्टी मॉडल हब को बस यात्रियों के लिए आधुनिक ट्रांजिट सुविधा के रूप में विकसित किया गया था। लेकिन पार्किंग, खानपान और अन्य सेवाएं शुरू नहीं होने के कारण यात्रियों को अभी भी अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे परियोजना का उद्देश्य भी पूरी तरह पूरा नहीं हो सका है।
संचालन शुरू करने की प्रक्रिया जारी
संबंधित विभाग का कहना है कि बंद पड़ी सुविधाओं को शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। व्यावसायिक इकाइयों के संचालन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है, ताकि हब का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
पूर्ण संचालन शुरू होने का इंतजार
स्थानीय लोगों और यात्रियों को उम्मीद है कि जल्द ही मल्टी मॉडल हब की सभी सुविधाएं शुरू होंगी। इसके बाद न केवल यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, बल्कि सरकार को भी परियोजना से अपेक्षित राजस्व प्राप्त होने लगेगा।