पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिवारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर मनोज तिवारी के आरोपों का जवाब देते हुए उन्हें खुली चुनौती दी और कहा कि यदि वह खुद को नेता मानते हैं, तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं।
मनोज तिवारी को बताया ‘फ्रॉड आदमी’
प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू में कहा कि मनोज तिवारी चुनाव के समय ही बिहार आते हैं और लोगों की भावनाओं के साथ राजनीति करते हैं। उन्होंने मनोज तिवारी को “फ्रॉड आदमी” बताते हुए कहा कि किसी परिवार के दुख को चुनावी मुद्दा बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके मुताबिक ऐसी राजनीति समाज और लोकतंत्र दोनों के लिए नुकसानदायक है।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में दी चुनौती
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मनोज तिवारी में वास्तव में हिम्मत है तो वह भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं कर सकते तो भविष्य में बिहार आकर इस तरह की राजनीति नहीं करने का संकल्प लें। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी शोकग्रस्त परिवार को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना बेहद गलत है।
चुनाव प्रचार के दौरान लगे थे गंभीर आरोप
बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान मनोज तिवारी ने आरोप लगाया था कि प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी की मां आशा देवी से कहा था कि यदि वह जन सुराज के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगी, तभी उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। मनोज तिवारी ने यह भी कहा था कि उन्होंने आशा देवी और उनके परिवार की मुलाकात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कराई थी, जिसके बाद मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई।
प्रशांत किशोर ने आरोपों को बताया निराधार
प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात कर केवल न्याय का भरोसा दिया था, लेकिन कभी भी राजनीतिक समर्थन या चुनाव प्रचार की कोई शर्त नहीं रखी। उनके अनुसार इस तरह के आरोप केवल चुनावी माहौल प्रभावित करने के उद्देश्य से लगाए गए थे।
भरत तिवारी एनकाउंटर बना था बड़ा राजनीतिक मुद्दा
भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद यह मामला बिहार की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया था। परिवार ने आरोप लगाया था कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण करने की कोशिश की थी, इसके बावजूद पुलिस ने गोली मार दी। मामले में कई पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया और जांच अभी भी जारी है। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल लगातार सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते रहे हैं।
बांकीपुर जीत के बाद बढ़ा प्रशांत किशोर का राजनीतिक कद
बांकीपुर उपचुनाव में जीत के साथ प्रशांत किशोर ने पहली बार चुनावी राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हराकर पार्टी के लगभग तीन दशक पुराने गढ़ को ध्वस्त किया। इस जीत के बाद उनके बयानों और राजनीतिक रणनीति पर पूरे बिहार की नजर बनी हुई है।
बयान के बाद फिर तेज हुई राजनीतिक बहस
प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में भरत तिवारी एनकाउंटर मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भाजपा और जन सुराज के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक प्रभाव डाल सकता है।