बिहार में शराबबंदी पर उठे सवाल: कानून की समीक्षा की मांग तेज, विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप

Questions raised on liquor ban in Bihar: Demand for review of law intensifies, serious allegations on departmental functioning

पटना: बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ओर से कानून की समीक्षा या इसे वापस लेने की मांग उठ रही है। सदस्यों का कहना है कि शराबबंदी को सख्ती से लागू किया जाए और इसे विफल करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो।

आरोप है कि कानून के बावजूद अवैध शराब का कारोबार जारी है, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि जिन अधिकारियों पर शराब माफियाओं से सांठगांठ के आरोप लगे, उन पर ठोस कार्रवाई के बजाय औपचारिक कदम उठाए जाते हैं। कुछ मामलों में निलंबन के बाद फिर से फील्ड पोस्टिंग दिए जाने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

मद्य निषेध विभाग की कार्यशैली पर सवाल
मामला वर्ष 2024 में बक्सर जिले से जुड़ा है, जहां तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक दिलीप कुमार पाठक पर शराब माफियाओं से मिलीभगत के आरोप सामने आए थे। बक्सर एसपी की जांच रिपोर्ट में उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। 21 जून 2024 को औद्योगिक थाना क्षेत्र में दर्ज कांड संख्या 132/2024 में उन्हें अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया।

सुपरविजन रिपोर्ट में भी आरोपों की पुष्टि के बाद वे कुछ समय तक फरार रहे और बाद में हाईकोर्ट से जमानत प्राप्त की। गंभीर आरोपों के बाद मद्य निषेध विभाग ने उन्हें निलंबित किया, लेकिन कुछ समय बाद पुनः सेवा में बहाल कर दिया गया। वर्तमान में वे जहानाबाद जिले में उत्पाद अधीक्षक के पद पर तैनात हैं।

विभागीय कार्रवाई और तैनाती पर विरोधाभास
26 अगस्त 2025 से संबंधित आरोपों को लेकर विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश जारी किया गया। पटना में मद्य निषेध उपायुक्त रेणु कुमारी सिन्हा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि एक ओर विभागीय जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर संबंधित अधिकारी को फील्ड में उसी पद पर तैनात रखना सवाल खड़े करता है।

विधानमंडल में उठ रही आवाजों के बीच अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार शराबबंदी कानून की समीक्षा पर क्या रुख अपनाती है और विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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