रोहतास: रोहतास जिले के प्रसिद्ध तुतला भवानी धाम में अचानक जलस्तर बढ़ने से कई श्रद्धालु जलप्रपात के बीच फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। समय रहते सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू अभियान में सभी श्रद्धालु सुरक्षित निकाले गए
बचाव दल ने पूरी सतर्कता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। जलप्रपात के तेज बहाव के बावजूद टीम ने एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि बारिश के मौसम में जलप्रपात और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है।
मानसून में अचानक बढ़ जाता है जलप्रवाह
अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने पर तुतला भवानी जलप्रपात का जलस्तर कुछ ही समय में तेजी से बढ़ सकता है। इसी वजह से कई बार श्रद्धालु और पर्यटक बीच रास्ते में फंस जाते हैं। ऐसे हालात में प्रशासन लगातार निगरानी रखता है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया जाता है।
क्यों संवेदनशील है तुतला भवानी धाम?
रोहतास जिले की कैमूर पहाड़ियों में स्थित मां तुतला भवानी धाम बिहार के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। मानसून के दौरान यहां का जलप्रपात बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। हालांकि लगातार बारिश के समय जलप्रवाह अचानक तेज हो सकता है, इसलिए प्रशासन समय-समय पर सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी करता है। पहले भी जलस्तर बढ़ने पर श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई जा चुकी है।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी
घटना के बाद प्रशासन ने तुतला भवानी धाम क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि जलस्तर में फिर बढ़ोतरी होती है तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे चेतावनी और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।