पटना/बख्तियारपुर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पैतृक नगर बख्तियारपुर में गंगा नदी की पुरानी और मृतप्राय धारा को फिर से जीवन देने के प्रयास में जुटे हैं। इस ऐतिहासिक पहल के तहत 4.420 किलोमीटर लंबाई में गाद की सफाई कराई जा रही है ताकि गंगा की पुरानी धारा एक बार फिर बह सके। इस परियोजना पर 3427.80 लाख रुपये की लागत आ रही है।
मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण
नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड स्थित लखनपुरा पहुंचकर घनसुरपुर घाट से देदौर घाट तक चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी कार्य मानसून से पहले पूरे किए जाएं।
कटाव रोकने और घाट विकास कार्यों का भी निरीक्षण
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सीढ़ी घाट पर गंगा चैनल के दायें तट पर बन रहे सुरक्षात्मक तटबंध और कटाव निरोधक कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने घाट के पास हो रहे सीढ़ी निर्माण, पाथ-वे, शौचालय, चेंजिंग रूम, लाइटिंग और लैंडस्केपिंग जैसे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
की पूजा-अर्चना और श्रद्धांजलि अर्पित
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सीढ़ी घाट स्थित श्री राधे कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य के सुख-शांति की कामना की। इसके अलावा उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व सांसद पंडित शीलभद्र याजी और उनकी धर्मपत्नी स्व. बालकेश्वरी याजी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
स्थानीय विकास को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद यह साफ हो गया है कि बख्तियारपुर में गंगा की पुरानी धारा को पुनर्जीवित करने और घाट क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
नीतीश कुमार की यह पहल न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उनके गृह क्षेत्र बख्तियारपुर के प्रति उनकी भावनात्मक प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।