वाशिंगटन: अमेरिका में ड्राइविंग स्किल के आधार पर नौकरी की तलाश में गए पंजाबी युवाओं के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। ट्रंप सरकार ने ट्रक ड्राइवरों के लिए अब अंग्रेजी बोलना और समझना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए बाकायदा ‘इंग्लिश स्पीकिंग टेस्ट’ शुरू किया गया है, जिसमें फेल होने वाले ड्राइवरों के लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं।
सड़क हादसों के बाद बढ़ी सख्ती
हाल के महीनों में अमेरिकी सड़कों पर हुए कई हादसों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हादसों में कई भारतीय मूल के, खासकर पंजाब से आए ड्राइवर शामिल थे। ट्रांसपोर्ट विभाग ने देशभर में ऑन-रोड इंग्लिश टेस्ट शुरू किए हैं, जिसमें पुलिस अधिकारी सीधे सड़क पर ट्रक रोककर ड्राइवरों से अंग्रेजी में सवाल पूछते हैं — जैसे ट्रैफिक संकेत, दिशा-निर्देश या सड़क नियमों का अर्थ।
7,000 से अधिक विदेशी ड्राइवर टेस्ट में फेल
अमेरिकी ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी सीन डफी के अनुसार, अब तक 7,000 से अधिक विदेशी ड्राइवर इंग्लिश टेस्ट में फेल हो चुके हैं, जिनमें ज्यादातर भारतीय या दक्षिण एशियाई मूल के हैं। ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
अंग्रेजी का ज्ञान अब कानूनी रूप से जरूरी
डफी ने बताया कि अमेरिकी कानून के अनुसार सभी ट्रक ड्राइवरों के लिए अंग्रेजी में ट्रैफिक साइन पढ़ना और संवाद करना आवश्यक है। ओबामा प्रशासन के समय इस नियम को सख्ती से लागू नहीं किया गया, जिससे कई ड्राइवर बिना पर्याप्त अंग्रेजी ज्ञान के लाइसेंस प्राप्त कर लेते थे। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इसे सड़क सुरक्षा से जोड़ते हुए अब कड़ाई से लागू किया है।
कैलिफोर्निया बना अपवाद, फंड रोका गया
कैलिफोर्निया में कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अंग्रेजी पूरी तरह अनिवार्य नहीं है, जिसके चलते अधिकतर भारतीय ड्राइवर वहीं से लाइसेंस बनवाते हैं। इस नीति के विरोध में ट्रंप प्रशासन ने कैलिफोर्निया का ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट फंड रोक दिया है। अमेरिकी ट्रक कंपनी के सीईओ अडालबर्टो कैम्पेरो का कहना है कि इस फैसले से लॉजिस्टिक सेक्टर को भारी नुकसान होगा, क्योंकि कई अनुभवी ड्राइवर काम से बाहर हो जाएंगे।
अमेरिका में 1.5 लाख पंजाबी ड्राइवर सक्रिय
2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री में करीब 7.2 लाख विदेशी ड्राइवर कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 1.5 लाख पंजाबी हैं। वित्तीय संस्था ऑल्टलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में फिलहाल 24,000 ट्रक ड्राइवरों की कमी है, जिससे माल ढुलाई उद्योग को हर सप्ताह लगभग 95.5 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। ऐसे में अंग्रेजी टेस्ट जैसी सख्त नीतियों से यह संकट और गहरा सकता है।