मेरठ/गाजियाबाद/नोएडा: देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का सपना देखने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ा झटका लगा है। फिटजी कोचिंग सेंटर के मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा में अचानक बंद होने से पैरेंट्स और छात्रों के सपने बिखर गए हैं। लाखों रुपये फीस चुकाने वाले अभिभावक अब पुलिस थाने का चक्कर काट रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
लाखों की फीस और सपने बर्बाद
फिटजी की फीस लगभग सात लाख रुपये प्रति छात्र होती थी। कई अभिभावकों ने इसके लिए लोन लिया या अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगा दी।
एफडी तोड़कर फीस चुकाई: कई पैरेंट्स ने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अपनी एफडी तोड़ दी।
लोन का बोझ: शांतनु नाम के छात्र के पिता, जो प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, ने बताया कि उन्होंने बेटे को इंजीनियर बनाने के लिए लोन लिया था, जिससे उनका मासिक खर्च 1 लाख रुपये तक बढ़ गया। अब कोचिंग बंद होने से उनकी सारी उम्मीदें टूट गई हैं।
पुलिस में शिकायत, पर राहत नहीं
अभिभावकों ने फिटजी के मालिक और संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। हालांकि, अभी तक उनके पैसे वापस मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
अन्य कोचिंग सेंटर उठा रहे फायदा
फिटजी के बंद होने के बाद, अन्य नामी कोचिंग सेंटर इसका फायदा उठा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों को फोन कर मनमानी फीस वसूलने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
छात्रों और अभिभावकों का भविष्य अंधेरे में
फिटजी बंद होने से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि छात्रों का भविष्य भी अंधकार में है। पैरेंट्स सरकार और प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।
यह घटना उन अभिभावकों के लिए बड़ा सबक है जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए बिना जांच-पड़ताल के बड़े संस्थानों पर भरोसा कर लेते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन और कानून उन्हें कैसे राहत प्रदान करते हैं।