विधानसभा चुनाव से पहले डेरा प्रमुख राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल

Dera chief Ram Rahim gets 30 days parole before assembly elections

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 30 दिन की पैरोल दी गई है। बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम बीते 4 सालों में 12वीं बार जेल से बाहर आए हैं। वह रोहतक की सुनारिया जेल में दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में सजा काट रहे हैं।

सिरसा डेरे में ठहरेंगे राम रहीम
पैरोल के दौरान राम रहीम सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में 10 दिन तक रहेंगे और उसके बाद उत्तर प्रदेश के बागपत में समय बिताएंगे। पिछली बार उन्हें 5 अक्टूबर 2024 को 20 दिन की पैरोल मिली थी, जो हरियाणा के स्थानीय चुनावों से ठीक पहले दी गई थी। राम रहीम को अनुयायियों के वोटों पर प्रभाव डालने की क्षमता के चलते राजनीतिक दलों और नेताओं का संरक्षण लंबे समय से प्राप्त रहा है।

2017 में मिली थी 20 साल की सजा
राम रहीम को अगस्त 2017 में दो शिष्याओं के साथ बलात्कार के आरोप में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, 2019 में पत्रकार की हत्या के मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई। 2017 में दोषी करार दिए जाने के बाद हरियाणा के पंचकूला और सिरसा में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और 260 से अधिक घायल हुए थे।

भक्तों को वीडियो संदेश
पैरोल मिलने के बाद राम रहीम ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने अपने अनुयायियों को परमात्मा की कृपा बताते हुए कहा कि वह दर्शन के लिए बाहर आए हैं। उन्होंने समर्थकों से सिरसा न आने की अपील करते हुए कहा, “सभी लोग अपनी जगह पर रहकर दर्शन दें और सेवादारों की कही बातों का पालन करें।”

चुनाव से पहले पैरोल पर सवाल
राम रहीम को चुनाव से ठीक पहले पैरोल मिलने पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके अनुयायियों की बड़ी संख्या और उनके वोटों पर प्रभाव को लेकर सत्ताधारी दलों पर निशाना साधा जा रहा है।

क्या कहते हैं वकील?
राम रहीम के वकील जितेंद्र खुराना ने बताया कि यह पैरोल कानूनी प्रक्रिया के तहत दी गई है। इसके बाद राम रहीम सिरसा आश्रम पहुंचे।

2017 की हिंसा का साया
राम रहीम के जेल जाने के बाद पंचकूला और सिरसा में हुई हिंसा को लेकर आज भी उनके अनुयायियों और विरोधियों के बीच तनाव बना रहता है। पैरोल के बाद उनकी गतिविधियों पर प्रशासन की कड़ी नजर है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव के माहौल में राम रहीम की पैरोल किस तरह से सियासी समीकरणों को प्रभावित करती है।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment