अमेरिका के अवैध प्रवासियों की वापसी के बाद पंजाब पुलिस की जांच में खुलासा, डरावने सच सामने आए

Punjab Police's investigation into the return of illegal immigrants from America revealed horrifying truths

पंजाब: अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, और अब अमेरिका इन्हें वापस भेज रहा है। इनमें से अधिकांश लोग पंजाब से हैं, जिनकी वापसी के बाद पंजाब पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कैसे एजेंटों ने भारतीयों को पैसे लेकर ‘डंकी रूट’ से अमेरिका पहुंचने में मदद की। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद खौफनाक और डरावने हैं।

एजेंटों का वैश्विक नेटवर्क और करोड़ों का लेन-देन
पंजाब पुलिस ने इस मामले में 19 एफआईआर दर्ज की हैं, और जांच से यह पता चला है कि अवैध तरीके से अमेरिका भेजने के लिए दुनियाभर के एजेंटों का एक विशाल नेटवर्क काम कर रहा है। इन एजेंटों ने भारतीयों से 40 से 50 लाख रुपये तक की रकम वसूली थी, ताकि उन्हें अमेरिका भेजा जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि पहले प्रयास में असफल होने के बावजूद, एजेंटों ने फिर से कोशिश की और लोगों को भेजने में सफलता पाई।

अवैध रास्तों से अमेरिका पहुंचने की कोशिश
एजेंटों ने भारतीयों को अमेरिका भेजने के लिए विभिन्न देशों के रास्ते का इस्तेमाल किया, जिनमें चीन, गिनी, केन्या, मिस्र, चेक गणराज्य, बेलारूस, बहामास, नाइजीरिया, इटली, नीदरलैंड, माल्टा, सूरीनाम, थाईलैंड, दुबई और स्पेन शामिल हैं। इन देशों के माध्यम से लोग अमेरिका पहुंचने की कोशिश करते थे, जबकि एजेंट खुद स्पेन, यूके, यूएस, जर्मनी और यूएई जैसे देशों में रहकर इस कारोबार को चला रहे थे।

नर्क जैसा रास्ता
अवैध प्रवासियों को अमेरिका जाने का सपना दिखा कर उन्हें नर्क जैसे रास्तों से गुजरने पर मजबूर किया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रियों को सूरीनाम तक हवाई यात्रा करनी पड़ी, और फिर नाव के जरिए गुयाना तक जाना पड़ा। इसके बाद पांच दिनों तक पनामा के जंगलों को पैदल पार करते हुए लोग कोस्टा रिका, निकारागुआ, होंडुरास और ग्वाटेमाला होते हुए मैक्सिको की सीमा तक पहुंचे। इस दौरान, यात्रियों को घंटों तक सब्जी के ट्रकों में छिपना पड़ा और कई बार उन्होंने अमेरिका-मेक्सिको सीमा की दीवार पार की।

किश्तों में पैसे वसूली और जान का खतरा
जिन लोगों को इस यात्रा में शामिल किया गया, वे लगातार पैसे की किश्तों में वसूली का शिकार हुए। एजेंटों ने उनके परिवार वालों से व्हाट्सएप कॉल के जरिए पैसे की मांग की, और यह धमकी दी कि जब तक पूरा पैसा नहीं मिलेगा, तब तक यात्रा आगे नहीं बढ़ेगी। इस यात्रा के दौरान लोगों की जान तक जाने का खतरा था, लेकिन फिर भी वे उम्मीद और सपना लिए इस नर्क से गुजरते गए।

कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ अवैध प्रवास के एक बड़े नेटवर्क का ही नहीं, बल्कि भारतीयों को एक खतरनाक और असुरक्षित यात्रा पर भेजने वाले एजेंटों की कड़ी की कहानी भी है।

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