भारतीय परंपरा में सोने को शुद्धता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यह केवल एक निवेश का माध्यम नहीं है, बल्कि भारतीय परिवारों की महिलाओं के लिए यह एक इमोशन भी है। जन्म के समय से लेकर विभिन्न संस्कारों में सोने को उपहार के रूप में देने की प्रथा रही है। महिलाओं के लिए यह श्रृंगार का एक अहम हिस्सा है और कई परिवार इसे घर में लक्ष्मी की कृपा और संपत्ति का प्रतीक मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय घरों में महिलाएं कितने सोने के जेवर रख सकती हैं? बैंक लॉकर में सोने का कितना भंडारण किया जा सकता है? अगर लिमिट से ज्यादा सोना रखा जाए तो क्या होगा?
CBDT के नियमों के मुताबिक, सोने रखने की सीमा
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के नियमों के अनुसार, महिलाओं और पुरुषों के लिए सोने रखने की सीमा तय की गई है। अगर इस तय सीमा से ज्यादा सोना रखा जाता है, तो आपको सोने की खरीदारी से संबंधित वैध प्रूफ दिखाना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो आपको भारी पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है नियम?
अगर आपके पास घर में या बैंक के लॉकर में सोना रखा है और इसका कोई वैध प्रूफ नहीं है, तो इनकम टैक्स के सेक्शन 69B और 115 BBE के तहत 78% टैक्स और 10% पेनल्टी लगाई जा सकती है। इसके अलावा, आपका सारा सोना भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जब्त किया जा सकता है।
महिलाएं कानूनी तौर पर कितना सोना रख सकती हैं?
- विवाहित महिलाएं अपने पास 500 ग्राम सोना रख सकती हैं।
- अविवाहित महिलाओं के लिए यह लिमिट 250 ग्राम है।
- पुरुषों को केवल 100 ग्राम सोना रखने की अनुमति है।
इनहेरिटेंस गोल्ड पर टैक्स
अगर महिलाओं को शादी के बाद पुश्तैनी जेवरात तोहफे में मिलते हैं, तो उन्हें “इनहेरिटेंस गोल्ड” कहा जाता है। अगर यह गोल्ड टैक्स फ्री इनकम या डिक्लेयर की हुई इनकम से खरीदी गई हो, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता। हालांकि, इसके लिए एक सीमा तय की गई है, और यदि सीमा से ज्यादा गोल्ड हो, तो आपको उसका वैध प्रूफ दिखाना होगा।
घर में रखा सोना बेचना और टैक्स
घर में तय लिमिट तक सोना रखने पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन अगर आप उसे बेचना चाहते हैं, तो आपको टैक्स देना पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि आप 3 साल बाद सोना बेचते हैं, तो उस पर 20% के हिसाब से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स लगेगा।
बैंक के लॉकर में सोना रखकर कमाई
SBI की रिवैम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के तहत आप बैंक के लॉकर में सोना रखकर कमाई कर सकते हैं। इस स्कीम की तीन कैटेगरी हैं:
- शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD) – 1 से 3 साल के लिए
- मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (MTGD) – 5-7 साल के लिए
- लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (LTGD) – 12-15 साल के लिए
इस स्कीम में निवेश करने पर आपको 2.50% सालाना ब्याज मिलता है। इसमें सोने की कोई मैक्सिमम लिमिट नहीं है, लेकिन ग्राहक को कम से कम 30 ग्राम गोल्ड जमा करना होगा।
गोल्ड बॉन्ड के नियम
CBDT के अनुसार, अगर आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) को 3 साल के अंदर बेचते हैं, तो उस पर टैक्स लगेगा। हालांकि, अगर आप गोल्ड बॉन्ड को उसकी मैच्योरिटी तक रखते हैं, तो प्रॉफिट पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
सोने से जुड़ी ये जानकारी आपको अपने निवेश और वित्तीय योजना को समझने में मदद करेगी।