नई दिल्ली: भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पाकिस्तान, आतंकी तहव्वुर राणा, वक्फ संशोधन विधेयक, भारत-बांग्लादेश संबंध, रूस, चीन, कैलाश मानसरोवर यात्रा और भारत-अमेरिका व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर आधिकारिक बयान जारी किया।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के COAS (सेना प्रमुख) की टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय ने कड़ा जवाब देते हुए कहा, “कोई विदेशी चीज किसी के गले में कैसे अटक सकती है? यह भारत का केंद्र शासित प्रदेश है।” पाकिस्तान का इससे एकमात्र संबंध है – उसके कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करना।
तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर बयान
आतंकी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान चाहे जितनी कोशिश कर ले, लेकिन उसकी वैश्विक आतंकवाद के केंद्र की छवि में कोई कमी नहीं आई है। राणा का प्रत्यर्पण पाकिस्तान को यह याद दिलाता है कि उसे मुंबई हमलों के अन्य दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए, जिन्हें वह अब भी बचा रहा है।
वक्फ संशोधन विधेयक: भारत का आंतरिक मामला
वक्फ अधिनियम में संशोधन को लेकर मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया, “वक्फ विधेयक भारत का पूर्णतः आंतरिक मामला है। इसमें ऐसे प्रावधान सुझाए गए हैं जो समावेशी हों और समाज के हित में हों। इसका मकसद है कि इससे लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिले।”
बांग्लादेश से रिश्तों पर भारत की मंशा
बांग्लादेश को लेकर जायसवाल ने कहा कि भारत चाहता है कि दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बने रहें। उन्होंने कहा, “हम बांग्लादेश में लोकतंत्र की मजबूती और सभी को बराबरी का अवसर दिए जाने के पक्षधर हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ट्रांसशिपमेंट सुविधा के तहत भारत ने बांग्लादेश को सामान भेजने की सुविधा शुरू की है।
रूस और चीन के साथ बढ़ते संपर्क
रूस को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विजय दिवस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। भारत की भागीदारी को लेकर जल्द जानकारी दी जाएगी। वहीं भारत और चीन के बीच उड़ानों को लेकर मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने सैद्धांतिक रूप से हवाई सेवाएं दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई है और इस पर तकनीकी टीमें लगातार काम कर रही हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा और भारत-अमेरिका व्यापार
कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर मंत्रालय ने कहा कि यात्रा को लेकर जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी। वहीं अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका से बातचीत कर रही है, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौता संतुलित और पारस्परिक हित में हो।