मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। लंबे समय से राजनीतिक और पारिवारिक मतभेदों के लिए चर्चा में रहे राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे अब साथ आने की संभावना जता रहे हैं। शनिवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को एकजुट होकर महाराष्ट्र और मराठी समाज के हित में काम करने का प्रस्ताव दिया।
राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र और मराठियों का अस्तित्व उनके आपसी झगड़ों से कहीं ज्यादा बड़ा है। फिल्म निर्देशक महेश मांजरेकर के साथ पॉडकास्ट बातचीत में राज ठाकरे ने कहा कि उन्हें उद्धव ठाकरे के साथ आने और एक साथ काम करने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों साथ आते हैं तो महाराष्ट्र के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है।
इस प्रस्ताव पर उद्धव ठाकरे की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने साफ किया कि उनकी तरफ से कभी कोई झगड़ा नहीं था और अगर महाराष्ट्र के भले के लिए साथ आना पड़े, तो वे तैयार हैं। उद्धव ने कहा कि अगर पहले सही फैसला लिया होता, तो आज केंद्र और राज्य में उनकी सरकार होती। साथ ही उन्होंने इशारा किया कि आगे बढ़ने के लिए अब छोटे-मोटे विवादों को छोड़ना होगा।
गौरतलब है कि साल 2005 में जब शिवसेना में उद्धव को उत्तराधिकारी घोषित किया गया था, तब राज ठाकरे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना’ की स्थापना की थी। इसके बाद से दोनों नेताओं के बीच रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। लेकिन अब दोनों नेताओं की इस नई पहल ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।