ओटावा: अनीता आनंद बनीं कनाडा की नई विदेश मंत्री, भारत से संबंध सुधारना मुख्य जिम्मेदारी

Ottawa: Anita Anand becomes Canada's new foreign minister, main responsibility is to improve relations with India

ओटावा: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अनीता आनंद को देश की नई विदेश मंत्री नियुक्त किया है। उन्हें मंगलवार को स्थानीय समयानुसार शपथ दिलाई गई। उन्होंने भगवद गीता पर हाथ रखकर पद की शपथ ली। अनीता ने मेलोनी जोली की जगह ली है, जिन्हें अब परिवहन और आंतरिक व्यापार मंत्रालय सौंपा गया है।

प्रधानमंत्री कार्नी ने अनीता की नियुक्ति पर कहा, “उनका मुख्य मिशन भारत के साथ लगभग टूट चुके संबंधों को फिर से पटरी पर लाना होगा। इसके साथ ही अमेरिका के साथ मजबूत तालमेल भी ज़रूरी है।” अनीता आनंद इससे पहले रक्षा और परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। जनवरी में उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने की इच्छा जताई थी, लेकिन हाल ही में हुए चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री कार्नी ने उन्हें विदेश मंत्रालय की कमान सौंपी।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को जस्टिन ट्रूडो की कैबिनेट विरासत में मिली थी, लेकिन अब उन्होंने अपनी नई टीम बनाकर कई अहम बदलाव किए हैं। ट्रूडो की कैबिनेट में 39 मंत्री थे, जबकि कार्नी ने अपनी टीम में 28 मंत्रियों को जगह दी है। उन्होंने सभी मंत्रियों से नए दृष्टिकोण, स्पष्ट लक्ष्य और निर्णायक फैसले की अपेक्षा जताई है।

भारतीय मूल के कई चेहरों को इस बार कैबिनेट से बाहर कर दिया गया है। हालांकि, मनिंदर सिद्धू को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री बनाया गया है और दो अन्य भारतीय मूल के नेताओं को राज्य सचिव पद दिया गया है, जो राज्य मंत्री के समकक्ष होता है।

रूबी सहोता को अपराध से निपटने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि रणदीप सराय को अंतरराष्ट्रीय विकास का कार्य सौंपा गया है।

डोमिनिक लेब्लांक को कनाडा-अमेरिका व्यापार से जुड़ा सबसे अहम मंत्रालय सौंपा गया है, खासकर टैरिफ संघर्ष की पृष्ठभूमि में।

पूर्व विदेश मंत्री मेलोनी जोली, जो भारत के छह राजनयिकों को निष्कासित करने के चलते विवादों में रही थीं, अब परिवहन मंत्रालय संभालेंगी। उन्होंने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत पर परोक्ष रूप से आरोप लगाया था, जिसे भारत ने खारिज कर दिया था।

पूर्व मंत्री हरजीत सिंह सज्जन ने चुनाव नहीं लड़ा और राजनीति से दूरी बना ली है। वहीं, आरिफ विरानी (पूर्व न्याय मंत्री) और कमल खेड़ा (पूर्व समावेशन मंत्री) को भी नई कैबिनेट में जगह नहीं दी गई है।

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