मुंबई: अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म ‘केसरी 2’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म पर इतिहास से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे हैं। पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया है कि फिल्म में बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों को गलत तरीके से पेश किया गया है। इस मामले में फिल्म के सात प्रोड्यूसर्स के खिलाफ विधाननगर दक्षिण थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं।
टीएमसी का आरोप है कि फिल्म में क्रांतिकारी खुदीराम बोस का नाम बदलकर खुदीराम सिंह कर दिया गया है। वहीं, बरिंद्र कुमार घोष को अमृतसर निवासी बीरेंद्र कुमार बताया गया है। इसके अलावा, कृपाल घोष की जगह काल्पनिक किरदार कृपाल सिंह को दिखाया गया है।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, “यह कोई साधारण गलती नहीं है, बल्कि बंगाल की ऐतिहासिक भूमिका को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है।” उन्होंने सवाल उठाया कि, “ऐसी फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट कैसे मिला?”
बिना फिल्म का नाम लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आज़ादी की लड़ाई में बंगाल के क्रांतिकारियों की भूमिका को कमतर दिखाने की कोशिश हो रही है, जिसे हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।” टीएमसी ने केंद्र सरकार से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।