मुंबई: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की व्हाइट हाउस में मेजबानी को लेकर भारत में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
राउत ने कहा, “जनरल असीम मुनीर, जिन्हें भारत कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड मानता है, उन्हें अमेरिका में विशेष सम्मान देना भारत के लिए अपमानजनक है। वह व्यक्ति जिस पर हमारी बहनों की मांग उजाड़ने का आरोप है, उसे व्हाइट हाउस में सम्मानित किया जा रहा है। मोदी जी, विदेश मंत्री जयशंकर और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को इस पर चुप नहीं रहना चाहिए।”
शिवसेना स्थापना दिवस पर केंद्र को घेरा
शिवसेना के 59वें स्थापना दिवस पर राउत ने पार्टी के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि, “हमारी यात्रा बलिदानों से भरी रही है। बालासाहेब ठाकरे ने पार्टी को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया, वो आसान नहीं था। हम सत्ता के लिए नहीं, सिद्धांतों के लिए लड़े हैं।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “आज देश में डी कंपनी का राज चल रहा है। दिल्ली में डरपोकों की सरकार है। सिर्फ शिवसेना ही है जो इन देशद्रोहियों के खिलाफ सीना ठोककर खड़ी है।”
शिंदे गुट और भाजपा पर भी निशाना
राउत ने महाराष्ट्र में शिंदे गुट को राज्य विरोधी करार देते हुए कहा, “अगर यह गुट सत्ता में रहा तो यह शाहू, फुले और आंबेडकर के विचारों वाले महाराष्ट्र के लिए दुर्भाग्य होगा। इनकी शिवसेना नकली है, और बालासाहेब की फोटो लगाना महज़ ढोंग है। इनके असली नेता मोदी और अमित शाह हैं, इन्हें महाराष्ट्र नहीं, गुजरात में स्थापना दिवस मनाना चाहिए।”
उद्धव-राज ठाकरे के एक होने की संभावना
राजनीतिक हलचलों के बीच राउत ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक होने की संभावना जताई। उन्होंने कहा, “अगर दोनों साथ आते हैं और महाराष्ट्र की बागडोर संभालते हैं, तो यह जनता की भावना का सम्मान होगा। आज शाम उद्धव ठाकरे इस मुद्दे पर अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे।”
एमवीए को लेकर भी दिया बड़ा बयान
अंत में, राउत ने महाविकास आघाड़ी (MVA) के भविष्य पर बात करते हुए कहा कि, “स्थानीय निकाय चुनावों में एमवीए मिलकर मजबूती से लड़ेगा। शिवसेना गठबंधन के साथ है, लेकिन अपने हिंदुत्व, मराठी अस्मिता और अन्याय के खिलाफ लड़ाई के सिद्धांतों से कभी पीछे नहीं हटेगी।”