नई दिल्ली: ईरान और इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण युद्ध के माहौल में भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने केवल भारतीय छात्रों के लिए एक बार फिर अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से खोल दिया है, जो युद्ध के कारण इंटरनेशनल उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया था। इस फैसले के बाद अगले दो दिनों में करीब 1000 भारतीय छात्रों के दिल्ली लौटने की संभावना जताई जा रही है।
तीन विशेष उड़ानों से होगा छात्रों का रेस्क्यू
रिपोर्ट के अनुसार, तीन विशेष उड़ानों के जरिए भारतीय छात्रों को ईरान से निकाला जाएगा।
- पहली उड़ान आज रात रवाना होगी।
- दो अन्य विमान शनिवार दोपहर तक छात्रों को लेकर भारत पहुंच सकते हैं।
- ज़रूरत पड़ी तो अधिक फ्लाइट्स भी चलाई जाएंगी।
इस कदम के पीछे भारत और ईरान के बीच सशक्त कूटनीतिक समन्वय को अहम माना जा रहा है।
ऑपरेशन सिंधु के तहत पहले भी 110 छात्रों को निकाला गया
इससे पहले ऑपरेशन सिंधु के तहत बुधवार को 110 भारतीय छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था, जिनमें अधिकांश छात्र जम्मू-कश्मीर से थे। इन छात्रों को पहले ईरान से आर्मेनिया लाया गया, फिर वहां से विशेष उड़ान द्वारा नई दिल्ली भेजा गया।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी दी:
“ऑपरेशन सिंधु के तहत 110 भारतीय छात्र येरेवन (आर्मेनिया) से विशेष उड़ान के जरिए **सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंच गए हैं। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।”
युद्ध की पृष्ठभूमि
ईरान और इजरायल के बीच इस समय गंभीर सैन्य तनाव चल रहा है। दोनों देशों की सेनाएं मिसाइल और ड्रोन हमलों में उलझी हुई हैं, जिस कारण कई हवाई मार्ग असुरक्षित हो गए हैं। इसके बावजूद ईरान ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह विशेष अनुमति दी है, जिसकी भारत में व्यापक सराहना हो रही है।
यह कदम न केवल भारत-ईरान संबंधों की गहराई को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हर संभव प्रयास कर रहा है।