समस्तीपुर (बिहार): बिहार के समस्तीपुर जिले की पुलिस ने मानव तस्करी के एक गंभीर मामले का पर्दाफाश करते हुए दो महीने पहले गायब हुई एक नाबालिग लड़की को पंजाब से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह घटना उजियारपुर थाना क्षेत्र की है, जहां की एक नाबालिग को स्थानीय युवक ने प्रेमजाल में फंसाकर पहले उत्तर प्रदेश ले जाकर ₹1.20 लाख में बेच दिया था।
परिजनों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
लड़की के लापता होने के बाद परिजनों ने उजियारपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दलसिंहसराय डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर दो महीने तक लगातार काम किया और आखिरकार लड़की को पंजाब के एक इलाके से सकुशल बरामद कर लिया।
गिरफ्तार हुए दो मुख्य आरोपी
पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें एक वह युवक शामिल है, जिसने लड़की को प्रेमजाल में फंसाकर अगवा किया था, जबकि दूसरा व्यक्ति उस नेटवर्क से जुड़ा है जिसने लड़की की खरीद-फरोख्त की थी। दोनों को उजियारपुर लाकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
डीएसपी ने जताई चिंता
डीएसपी ने इस मामले को बेहद चिंताजनक बताया और कहा कि यह दिखाता है कि कैसे कुछ असामाजिक तत्व भोली-भाली किशोरियों को प्रेम के नाम पर फंसाकर मानव तस्करी जैसे संगीन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि गांवों और कस्बों में जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि किशोरियों को सतर्क किया जा सके।
शिक्षा और सतर्कता पर जोर
डीएसपी ने अभिभावकों और स्कूलों से भी अपील की कि वे किशोरियों को शिक्षा और करियर के महत्व के बारे में बताएं और सतर्क रहने की सलाह दें। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में हाल के वर्षों में वृद्धि देखी गई है और कई बार लड़कियों को प्रेम-प्रसंग के बहाने दूसरे राज्यों में बेच दिया जाता है।
मानव तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच
पुलिस अब इस घटना के जरिए अंतरराज्यीय मानव तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके और इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।