नई दिल्ली: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि उन्हें ट्रंप से बात करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अमेरिका द्वारा ब्राजील पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर लूला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से संवाद को प्राथमिकता देंगे।
लूला ने ट्रंप के फैसले को ब्राजील की संप्रभुता और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह नीति केवल आर्थिक प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश नहीं है, बल्कि यह ब्राजील के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की भी कोशिश है।
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था। बोल्सोनारो पर 2022 के चुनावों में हार के बाद सत्ता पलटने की साजिश रचने का आरोप है और फिलहाल उन पर मुकदमा चल रहा है।
ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि ब्राजील की मौजूदा सरकार गलत दिशा में जा रही है, लेकिन वे ब्राजील के लोगों का सम्मान करते हैं और बातचीत के लिए तैयार हैं। इस पर लूला ने जवाब दिया, “मैं ट्रंप को कॉल नहीं करूंगा क्योंकि वह बात करने में रुचि नहीं रखते। मैं शी जिनपिंग को कॉल करूंगा, नरेंद्र मोदी को कॉल करूंगा, लेकिन ट्रंप से बात नहीं करूंगा।”
लूला ने कहा कि ब्राजील अमेरिका के टैरिफ के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (WTO) सहित सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात रखेगा। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार घरेलू उद्योगों को मजबूत करने और वैश्विक साझेदारों के साथ व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर काम कर रही है।
ब्रिक्स समूह का हिस्सा होने के नाते ब्राजील भारत और चीन के साथ आर्थिक संबंधों को और प्रगाढ़ करना चाहता है। लूला ने कहा कि ट्रंप लगातार ब्रिक्स देशों पर डॉलर की साख कमजोर करने का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन ब्राजील इन दबावों के आगे झुकेगा नहीं।
हालांकि, ट्रंप से नाराज़गी के बावजूद लूला ने कहा कि वे नवंबर में ब्राजील के बेलम शहर में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (COP30) के लिए ट्रंप को आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें फोन करने की कृपा करूंगा ताकि जलवायु मुद्दों पर उनकी राय ली जा सके।”
अमेरिका ने ब्राजील पर स्वतंत्र चुनावों और अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलने के आरोप लगाए हैं, साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों पर लगाए गए सख्त नियमों को भी निशाना बनाया है। लूला ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “ब्राजील एक संप्रभु देश है। अगर अमेरिका टैरिफ लगाएगा, तो ब्राजील भी जवाबी शुल्क लगाने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप की नीतियां ब्लैकमेल जैसी हैं और हम कभी झुकेंगे नहीं।”