नई दिल्ली: पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) ने गुरुवार को जानकारी दी कि वह ग्राम सभा और अन्य पंचायत बैठकों की ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग से स्वचालित रूप से मिनट्स ऑफ मीटिंग (MoM) तैयार करने के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल लॉन्च करने जा रहा है।
यह टूल ‘सभासार’ के नाम से लॉन्च किया जाएगा, जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एस. पी. सिंह बघेल की उपस्थिति में नई दिल्ली में की जाएगी।
मंत्रालय के मुताबिक, सभासार में एडवांस AI और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। यह टूल बैठकों में हुई मौखिक चर्चाओं को ट्रांसक्राइब करता है, मुख्य निर्णयों और कार्य बिंदुओं की पहचान करता है और सुव्यवस्थित बैठक विवरण तैयार करता है।
‘भाषिणी’ मिशन के साथ इंटीग्रेटेड यह टूल फिलहाल 13 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिससे विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि के पंचायत प्रतिनिधियों के लिए इसकी पहुंच और समावेशिता सुनिश्चित होती है। भविष्य में इसमें और भाषाएं जोड़ी जाएंगी।
मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 15 अगस्त, 2025 को होने वाली स्पेशल ग्राम सभाओं के लिए ‘सभासार’ टूल का उपयोग करने का आग्रह किया है। इस पहल के तहत त्रिपुरा की सभी 1,194 ग्राम पंचायतें इस टूल का इस्तेमाल करेंगी।
सभासार, स्थानीय शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण डिजिटल नवाचार है। इससे मैन्युअल दस्तावेज़ीकरण में लगने वाला समय व प्रयास कम होगा और पंचायत अधिकारी सेवा वितरण और शासन पर बेहतर फोकस कर सकेंगे।
इसके अलावा, हाल ही में लोकप्रिय वेब सीरीज़ ‘पंचायत’ के निर्माताओं ने ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायती राज मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत महिला सशक्तिकरण, स्वराजस्व सृजन और तकनीक आधारित विकास जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।