नई दिल्ली: पुर्तगाल की संसद ने सार्वजनिक स्थलों पर बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने वाले एक विवादास्पद विधेयक को पारित कर दिया है। यदि राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा इस पर हस्ताक्षर कर देते हैं, तो यह कानून बन जाएगा और पुर्तगाल भी उन यूरोपीय देशों में शामिल हो जाएगा जहां सार्वजनिक रूप से चेहरा ढकने पर आंशिक या पूर्ण रोक है।
सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढकना होगा प्रतिबंधित
इस विधेयक का प्रस्ताव फार-राइट ‘चेगा’ पार्टी द्वारा रखा गया था और इसे दक्षिणपंथी दलों का समर्थन मिला। कानून के अनुसार, फ्लाइट्स, राजनयिक परिसर और धार्मिक स्थलों को छोड़कर अन्य सभी सार्वजनिक स्थानों जैसे कि बाज़ार, सड़कें और सरकारी कार्यालयों में चेहरा ढकने की अनुमति नहीं होगी।
जुर्माना 18 हजार से 4 लाख रुपये तक
नियम तोड़ने पर लोगों को 200 से 4,000 यूरो (लगभग 18,000 से 4 लाख रुपये) तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। अगर राष्ट्रपति इस विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, तो मामला संवैधानिक न्यायालय में जाएगा।
राजनीतिक बहस तेज
इस कदम ने पुर्तगाल की राजनीति में गर्म बहस छेड़ दी है। चेगा पार्टी का तर्क है कि चेहरा ढकने से महिलाएं “सामाजिक रूप से अलग-थलग और दमित” रहती हैं। वहीं, वामपंथी दलों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों पर हमला बताया है। सोशलिस्ट पार्टी के सांसद पेड्रो डेलगाडो अल्वेस ने कहा, “किसी महिला को बुर्का पहनने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन किसी के पहनावे पर पाबंदी लगाना समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।”
यूरोप में चेहरा ढकने पर बढ़ती पाबंदियाँ
यदि यह कानून लागू होता है, तो पुर्तगाल फ्रांस, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड जैसे देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां पहले से ही सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढकने पर आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध है।