नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में सोमवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंकने वाले आरोपी वकील राकेश किशोर को वकीलों के ही एक समूह ने घेरकर पीटना शुरू कर दिया। गुस्साए वकीलों ने राकेश किशोर पर चप्पलों की बारिश कर दी, जिससे कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया और किसी तरह राकेश किशोर को भीड़ से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
ग़ौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई के दौरान राकेश किशोर ने जस्टिस बी.आर. गवई की ओर जूता उछाल दिया था। हालांकि, जस्टिस गवई ने उदारता दिखाते हुए उन्हें माफ कर दिया, लेकिन इस घटना ने वकील समुदाय में भारी नाराज़गी पैदा कर दी। उसी नाराज़गी का असर कड़कड़डूमा कोर्ट में तब देखने को मिला जब राकेश किशोर वहां पहुंचे।
करीब 71–72 वर्षीय राकेश किशोर वर्ष 2009 से दिल्ली बार काउंसिल में पंजीकृत वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। जूता फेंकने की घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनका निलंबन कर दिया है, जिससे वे अब किसी भी मुकदमे की पैरवी नहीं कर सकते।
इसके बावजूद राकेश किशोर ने अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं जताया। उन्होंने अपने बचाव में अजीबोगरीब तर्क देते हुए कहा था कि भगवान ने उनके सपने में आकर उन्हें ऐसा करने का आदेश दिया था, इसलिए उन्होंने जूता फेंका।