टीकमगढ़ में खाद संकट बना जानलेवा, लाइन में खड़े किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत

The fertilizer shortage in Tikamgarh has turned deadly; a farmer died of a heart attack while standing in line.

टीकमगढ़: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में यूरिया की भारी किल्लत अब किसानों की जान पर भारी पड़ने लगी है। सोमवार को बडोरा गांव स्थित एक सरकारी गोदाम पर खाद लेने पहुंचे 52 वर्षीय किसान जमुना कुशवाहा की लाइन में इंतजार करते वक्त दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सुबह से ही गोदाम के बाहर लंबी कतार लगी थी, जिसमें खड़े-खड़े किसान की तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ा।

मृतक के छोटे भाई छक्की के अनुसार, जमुना कुशवाहा पिछले दो दिनों से लगातार खाद के लिए भटक रहा था। वह अपने गांव बजरुआ से लगभग 8 किलोमीटर दूर बडोरा गोदाम तक सिर्फ दो बोरी यूरिया के लिए कई बार चक्कर लगा चुका था, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटना पड़ा। सोमवार को भी वह लाइन में खड़ा था, तभी अचानक उसे उल्टियां आने लगीं और वह बेहोश होकर गिर पड़ा।

मौके पर मौजूद तहसीलदार सतेंद्र गुर्जर ने तुरंत अपनी सरकारी गाड़ी से उन्हें जिला अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। देहात थाना प्रभारी चंद्रजीत यादव ने पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक पुष्टि की है कि मौत का कारण दिल का दौरा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पिछले कई दिनों से टीकमगढ़ में यूरिया की भारी कमी के कारण किसान बेहद परेशान और आक्रोशित हैं। खाद की किल्लत को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पिछले हफ्ते जतारा कस्बे में किसानों ने एक ट्रक से 30–40 बोरी यूरिया लूट ली थी। वहीं सोमवार को ही बलदेवगढ़ और खरगापुर क्षेत्र में नाराज किसानों ने खाद की कमी का विरोध करते हुए टीकमगढ़-छतरपुर मार्ग पर करीब तीन घंटे तक चक्का जाम किया, जिससे यातायात ठप हो गया।

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