- बिहार के दूर-दराज जिलों से आ रहे लोग, UIDAI सेंटर बंद होने से जीपीओ बना इकलौता सहारा
पटना: कभी किसी ने नहीं सोचा था कि आधार कार्ड बनवाना या उसमें मामूली सुधार कराना इतना कठिन काम बन जाएगा। राजधानी पटना स्थित जीपीओ (जनरल पोस्ट ऑफिस) में हर दिन हजारों की भीड़ उमड़ रही है। हालात यह हैं कि लोग रात 3 बजे से ही लाइन में लगना शुरू कर देते हैं और कई तो एक दिन पहले ही फुटपाथ पर रात गुजारते हैं।
बिहार के कई जिलों से पटना का रुख
किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, भोजपुर, गया, नवादा, जहानाबाद, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत बिहार के तमाम जिलों से लोग आधार कार्ड बनवाने और उसमें सुधार कराने के लिए पटना पहुंच रहे हैं। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल हैं।
लोगों में आक्रोश और निराशा
आधार कार्ड अब हर सरकारी और गैर-सरकारी काम में अनिवार्य हो गया है, लेकिन इसे बनवाने और सुधार कराने की सुविधाएं लगभग बंद पड़ी हैं। लोगों का कहना है कि उनके जिले में आधार से जुड़ा कोई सक्रिय सेंटर नहीं है, इसीलिए उन्हें पटना आना पड़ता है। लेकिन यहां भी भीड़ इतनी अधिक होती है कि घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी सिर्फ 300 लोगों को ही पर्ची मिलती है।
UIDAI के ज्यादातर सेंटर बंद, जीपीओ पर बढ़ा बोझ
मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल UIDAI के ज्यादातर आधार नामांकन और सुधार केंद्र बिहार भर में निलंबित (सस्पेंड) हैं। एक समय पर पटना के एक्जीबिशन रोड पर स्थित सेंटर में रोजाना 1000 से ज्यादा लोगों का काम हो जाता था, लेकिन अब उसके बंद हो जाने से सारी भीड़ जीपीओ में इकट्ठा हो रही है।
सिर्फ 10 काउंटर, भीड़ 1500 से अधिक
पटना जीपीओ में प्रतिदिन करीब 1500 लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां आधार में सुधार के लिए सिर्फ 8 काउंटर और मोबाइल नंबर अपडेट के लिए सिर्फ 2 काउंटर खुले हैं। संसाधनों की कमी के चलते हर दिन केवल 300 फॉर्म ही बांटे जाते हैं।
दलालों की सक्रियता, पुलिस की निगरानी
भीड़ और अफरातफरी का फायदा दलाल उठा रहे हैं, जो पैसे लेकर लोगों के नंबर जल्दी लगवा रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से इन पर नजर रखी जा रही है, लेकिन पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है।
लोगों की पीड़ा: “आधार सुधार भगवान से मिलने जैसा”
एक व्यक्ति ने कहा, “आधार में सुधार कराना पैदल कलकत्ता जाने जैसा है।” वहीं, एक महिला ने कहा, “आधार सुधार करवाना भगवान से भेंट होने जैसा कठिन हो गया है।” कई लोग ऐसे भी हैं जो 2-3 महीनों से जीपीओ का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनका नंबर नहीं आया है।
मुख्य समस्याएं:
- UIDAI सेंटरों का निलंबन
- संसाधनों और स्टाफ की भारी कमी
- एक ही जगह पर अत्यधिक भीड़
- दलालों की सक्रियता
- आम लोगों की अनदेखी
जनता की मांग:
सरकार जल्द से जल्द बंद पड़े आधार सेंटरों को दोबारा शुरू करे और जिलों में आधार से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाए, ताकि आम आदमी को राजधानी तक आने की मजबूरी न हो।