किसानों के विरोध के बाद लौरिया चीनी मिल में फिर शुरू हुई गन्ना तौल।

After the protest by farmers, sugarcane weighing started again in Lauria sugar mill.

-एनएच-727 जाम के बाद प्रशासनिक पहल से निकला समाधान, शाम तक खुला मिल गेट।

लौरिया। चीनी मिल द्वारा अचानक पेराई सत्र समाप्त कर मुख्य द्वार बंद किए जाने से आक्रोशित गन्ना उत्पादक किसानों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए एनएच-727 को जाम कर दिया। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रेलरों पर गन्ना लादकर मिल गेट पहुंचे थे, लेकिन गेट बंद मिलने से उनका आक्रोश फूट पड़ा। इसके बाद किसानों ने अपने वाहन मिल गेट के सामने मुख्य सड़क पर खड़ा कर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि क्षेत्र के कई खेतों में अभी भी बड़ी मात्रा में गन्ना खड़ा है, इसके बावजूद मिल प्रबंधन ने अचानक पेराई सत्र समाप्त कर दिया। किसानों का आरोप था कि मिल बंद होने की स्पष्ट और समयबद्ध सूचना उन्हें नहीं दी गई, जिसके कारण वे गन्ना लेकर मिल पहुंच गए। किसानों ने कहा कि वे लौरिया चीनी मिल के आरक्षित क्षेत्र के किसान हैं और उनके गन्ने की खरीद सुनिश्चित करना मिल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

After the protest by farmers, sugarcane weighing started again in Lauria sugar mill.

सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार, थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा तथा जदयू जिलाध्यक्ष कन्हैया कुशवाहा पहुंचे और किसानों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और मिल प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर समाधान निकालने की पहल की।

बाद में सहायक ईख आयुक्त उत्तर बिहार रेमंत झा के निर्देश पर किसानों को राहत देते हुए शाम छह बजे तक के लिए मिल का गेट पुनः खोल दिया गया। इसके बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया और गन्ना तौल की प्रक्रिया फिर से शुरू कराई गई, जिससे स्थिति सामान्य हो सकी।

After the protest by farmers, sugarcane weighing started again in Lauria sugar mill.

प्रदर्शन के दौरान किसान अभय कुमार, लालबाबू यादव, ओमप्रकाश कुशवाहा, राजन कुमार, मोतीलाल साह, बृजन महतो, बिरेंद्र राय, राजनाथ सिंह, धनेश कुमार, सुधीर यादव और शंकर यादव समेत कई किसानों ने कहा कि यदि मिल बंद होने की सूचना समय पर मिलती तो उन्हें इस तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

वहीं चीनी मिल के जीएम सुमित भाटी तथा महाप्रबंधक (गन्ना) विनोद कुमार राठी ने बताया कि मिल बंद होने की सूचना किसानों को एसएमएस और तीन अलग-अलग नोटिस के माध्यम से पहले ही दे दी गई थी। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए दो दिन अतिरिक्त पेराई भी कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई किसान समय पर गन्ना नहीं ला सके, जिसके कारण मिल संचालन बंद करना पड़ा।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment