अहमदाबाद: सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 171 एक भयानक हादसे का शिकार हो गई। कनाडा जा रहा यह विमान मेघानी नगर स्थित एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गया, जिससे जबरदस्त धमाका हुआ और देखते ही देखते विमान आग की लपटों में घिर गया।
इस दिल दहला देने वाले हादसे में 241 यात्रियों और 12 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई। हादसे में भारतीय मूल का एक ब्रिटिश नागरिक ही जीवित बच पाया। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे, जिनकी मृत्यु से पूरे राज्य और देश में शोक की लहर फैल गई है।
तकनीकी रूप से फिट था विमान, हादसे ने उठाए सवाल
सूत्रों के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ विमान एक 12 साल पुराना बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था। इसका दाहिना इंजन मार्च 2025 में ही बदला गया था, और जून 2023 में इसकी डिटेल जांच हुई थी, अगली जांच दिसंबर 2025 में निर्धारित थी। विमान को तकनीकी रूप से पूरी तरह फिट घोषित किया गया था, जिससे हादसे की वजह पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हादसे के बाद बड़े खुलासे और जांच के आदेश
बताया जा रहा है कि एअर इंडिया ने अप्रैल 2025 में इस विमान के बीमा कवर को 750 करोड़ से बढ़ाकर 850 करोड़ रुपये कर दिया था। यह निर्णय भी अब जांच के दायरे में आ गया है। डीजीसीए ने एयर इंडिया के सभी बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं।
उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन
केंद्र सरकार ने हादसे की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। यह समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
प्रधानमंत्री ने इस भीषण हादसे पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह हादसा भारत के विमानन इतिहास की एक और काली तारीख बन गया है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।