बिहार में आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। पार्टी का दावा है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से बिहार बंद करवा रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर कार्यकर्ताओं के आक्रामक व्यवहार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ घटनाओं में भाजपा कार्यकर्ताओं पर गुंडागर्दी और बदतमीजी के आरोप लगे हैं। आइए, सिलसिलेवार तरीके से इन घटनाओं पर नजर डालते हैं।
जहानाबाद: महिला शिक्षक के साथ बदतमीजी
जहानाबाद में एक महिला शिक्षक सुबह स्कूल जाने के लिए निकलीं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया। शिक्षक ने बताया कि संगठन ने शिक्षकों को छूट देने की बात कही थी और शांतिपूर्ण बंद की अपील की थी। इसके बावजूद, कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पटना: पुलिसकर्मी के साथ अभद्र व्यवहार
पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर एक पुलिसकर्मी को अपने दफ्तर जाने से रोका गया। भाजपा के प्रदेश महामंत्री राकेश कुमार ने पुलिसकर्मी का आई-कार्ड मांगा और उसे फेंक दिया। इतना ही नहीं, राकेश कुमार ने पुलिसकर्मी को आगे बढ़ने से मना करते हुए उनकी गाड़ी के सामने लेट गए और धमकी भरे लहजे में कहा, “हमने कहा है, तुम्हें जाने नहीं देंगे।”
पत्रकारों को धमकी
पटना में ही एक अन्य घटना में पत्रकारों की एक टीम खबर कवर करने के लिए निकली थी। भाजपा कार्यकर्ताओं और राकेश कुमार ने उनकी गाड़ी रोक दी। पत्रकारों ने बताया कि वे खबर कवर करने आए हैं, लेकिन राकेश कुमार ने उनकी बात नहीं मानी। जब पत्रकारों ने वीडियो बनाने की कोशिश की, तो उन्हें धमकी दी गई। राकेश कुमार को भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का करीबी माना जाता है। पहले पूर्णिया में जिला महामंत्री और जिला अध्यक्ष रहे राकेश अब प्रदेश महामंत्री हैं।
गर्भवती महिला के साथ बदसलूकी
पटना में एक गर्भवती महिला को अस्पताल जाते समय रोका गया। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से जाने की गुहार लगाई, लेकिन भाजपा नेताओं ने इसे “नौटंकी” करार दिया। इतना ही नहीं, उनकी बाइक की चाबी छीन ली गई और भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने भी उनके साथ बदतमीजी की।
मुजफ्फरपुर: RAF जवानों के साथ विवाद
मुजफ्फरपुर में बिहार बंद के दौरान भाजपा समर्थकों और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) जवानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस विवाद के कारण नेशनल हाईवे-27 (NH-27) घंटों जाम रहा और दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
संगठन की छवि पर सवाल
भाजपा को एक संगठनात्मक और अनुशासित पार्टी के रूप में जाना जाता है, जहां कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण में व्यवहार और अनुशासन की शिक्षा दी जाती है। लेकिन आज के इन घटनाओं ने न केवल भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि संगठन के मूल्यों पर भी सवाल उठाए हैं। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कुछ कार्यकर्ताओं का व्यवहार पार्टी के दावों से मेल नहीं खाता।