पटना : बिहार सरकार ने NEET और छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामलों में बड़ा फैसला लेते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही गिरफ्तार छात्रों की रिहाई के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े छात्रों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों को रिहा करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकार ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय
सरकार के अनुसार, छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एफआईआर वापस लेने और छात्रों की रिहाई की कार्रवाई जल्द पूरी हो सके।
छात्रों और अभिभावकों में खुशी
सरकार के फैसले के बाद छात्र संगठनों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। आंदोलन के दौरान कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे। अब सरकार के फैसले से उन छात्रों को कानूनी राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में बिहार में NEET परीक्षा और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार की आलोचना की थी। इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा करते हुए छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने का निर्णय लिया।
आगे क्या होगा?
सरकार के निर्देश के बाद संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन एफआईआर वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिन छात्रों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, उनकी रिहाई भी नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का कहना है कि छात्र हितों और कानून व्यवस्था—दोनों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।