Bihar Online Gambling Law: बिहार में ऑनलाइन जुआ पर सख्ती, नया कानून पास; जेल, जुर्माना और बैंक खातों पर भी होगी कार्रवाई

Bihar Online Gambling Law: Crackdown on online gambling in Bihar; new law passed—includes provisions for imprisonment, fines, and action against bank accounts.

पटना : बिहार विधानसभा ने राज्य में ऑनलाइन और ऑफलाइन सभी प्रकार के जुए पर रोक लगाने के उद्देश्य से बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। नए कानून के तहत मोबाइल ऐप, वेबसाइट, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित जुआ और सट्टेबाजी को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

पहली बार अपराध करने पर क्या होगी सजा?

नए कानून के अनुसार यदि कोई व्यक्ति पहली बार ऑनलाइन जुआ या सट्टेबाजी करते या उसका संचालन करते पकड़ा जाता है, तो उसे एक से तीन वर्ष तक की जेल और 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

दोबारा अपराध करने पर और कड़ी होगी कार्रवाई

यदि कोई व्यक्ति दोबारा इसी तरह के अपराध में दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सात वर्ष तक की कैद और 1 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाना है।

बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट भी आएंगे जांच के दायरे में

नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति अपना बैंक खाता, डिजिटल वॉलेट, मोबाइल ऐप या अन्य डिजिटल अकाउंट जुआ या सट्टेबाजी के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराता है या उससे लाभ कमाता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित खातों को जब्त या फ्रीज करने का भी प्रावधान रखा गया है।

विज्ञापन और प्रचार करने वालों पर भी होगी कार्रवाई

केवल जुआ खेलने वालों ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी का प्रचार-प्रसार, विज्ञापन या संचालन करने वाले व्यक्ति और संस्थाएं भी कानून के दायरे में आएंगी। ऐसे मामलों में भी जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

समझिए, क्यों लाया गया नया कानून?

अब तक बिहार में Public Gambling Act, 1867 लागू था, लेकिन डिजिटल दौर में ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने नया कानून लाने का फैसला किया। नए कानून में मोबाइल ऐप, वेबसाइट, डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को भी कानूनी दायरे में शामिल किया गया है, ताकि तकनीक के जरिए संचालित अवैध जुए पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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