मुंबई : बॉलीवुड में इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ इंडस्ट्री नए चेहरों और नए प्रयोगों पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर 90 के दशक के कई सितारे एक बार फिर बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन रहे हैं। सनी देओल और अक्षय खन्ना जैसे कलाकारों की बढ़ती लोकप्रियता ने यह दिखा दिया है कि दर्शकों के लिए सिर्फ उम्र नहीं बल्कि दमदार अभिनय और स्क्रीन पर पकड़ ज्यादा मायने रखती है।
फिल्ममेकर सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा की आने वाली फिल्म ‘इक्का’ इसी बदलाव का उदाहरण मानी जा रही है, जिसमें सनी देओल और अक्षय खन्ना लंबे समय बाद साथ नजर आएंगे। फिल्म एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें दोनों कलाकारों के किरदार कहानी के केंद्र में हैं।
सनी देओल की वापसी ने बदली तस्वीर
सनी देओल ने लंबे समय तक बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। एक्शन, इमोशनल किरदार और दमदार डायलॉग डिलीवरी उनकी खासियत रही है। हाल के वर्षों में उनकी फिल्मों को मिली सफलता ने यह साबित किया कि दर्शकों के बीच उनका स्टारडम अभी भी कायम है। इसके बाद मेकर्स ने एक बार फिर उन पर बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भरोसा जताना शुरू किया।
अब ‘इक्का’ में सनी देओल एक वकील की भूमिका में दिखाई देंगे, जो उनके पुराने कोर्टरूम अंदाज की याद भी दिलाता है। फिल्म में उनका किरदार एक मुश्किल कानूनी लड़ाई के बीच फंसा हुआ नजर आएगा।
अक्षय खन्ना: कम काम लेकिन असरदार वापसी
अक्षय खन्ना हमेशा से अपने अभिनय के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने फिल्मों की संख्या कम रखी, लेकिन अपने किरदारों से अलग पहचान बनाई। हाल के समय में उनके अभिनय को लेकर फिर चर्चा बढ़ी है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और अलग तरह के किरदारों ने उन्हें एक बार फिर दर्शकों और फिल्ममेकर्स के बीच खास बना दिया है।
फिल्म इंडस्ट्री में यह माना जा रहा है कि अक्षय खन्ना जैसे कलाकार कहानी को मजबूत बनाने की क्षमता रखते हैं, इसलिए मेकर्स उन्हें नए दौर की फिल्मों में शामिल कर रहे हैं।
दर्शकों की पसंद में आया बदलाव
बॉलीवुड में दर्शकों का टेस्ट लगातार बदल रहा है। अब सिर्फ युवा चेहरे ही फिल्मों की सफलता की गारंटी नहीं माने जाते। दर्शक ऐसी कहानियां देखना चाहते हैं जिनमें मजबूत किरदार, अच्छी स्क्रिप्ट और शानदार अभिनय हो। यही वजह है कि अनुभवी कलाकारों की मांग फिर बढ़ती दिख रही है।
क्यों 90s स्टार्स पर भरोसा कर रहे हैं मेकर्स?
1. अनुभव का फायदा
पुराने कलाकारों के पास दशकों का अनुभव है। वे मुश्किल और जटिल किरदारों को ज्यादा गहराई से निभा सकते हैं।
2. दर्शकों से जुड़ाव
सनी देओल जैसे सितारों की अपनी फैन फॉलोइंग है। उनके नाम से ही दर्शकों में एक भरोसा बनता है।
3. मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस
कई बार फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कलाकारों की जरूरत होती है जिनकी मौजूदगी पर्दे पर असर छोड़ सके।
‘इक्का’ में फिर दिखेगी पुरानी जोड़ी
सनी देओल और अक्षय खन्ना इससे पहले भी साथ काम कर चुके हैं। अब दोनों कलाकार फिर एक कोर्टरूम ड्रामा में आमने-सामने दिखाई देंगे। फिल्म में कहानी न्याय, नैतिकता और व्यक्तिगत संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें दोनों कलाकारों के बीच टकराव देखने को मिलेगा।
क्या यह बॉलीवुड के नए दौर का संकेत है?
कई जानकार मानते हैं कि बॉलीवुड अब सिर्फ स्टार वैल्यू नहीं बल्कि कंटेंट और परफॉर्मेंस पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। यही कारण है कि पुराने कलाकारों को नए किरदारों में पेश किया जा रहा है। मेकर्स कोशिश कर रहे हैं कि अनुभव और नई कहानी का संतुलन बनाया जाए।
नए चेहरों के साथ पुराने सितारों का मेल
आज की फिल्मों में युवा कलाकारों के साथ अनुभवी अभिनेताओं को जोड़ने का चलन बढ़ रहा है। इससे फिल्म को अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों तक पहुंचने में मदद मिलती है। सनी देओल और अक्षय खन्ना की वापसी भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
बॉलीवुड में 90 के दशक के सितारों की वापसी यह दिखाती है कि अच्छे कलाकारों की मांग कभी खत्म नहीं होती। सनी देओल और अक्षय खन्ना जैसे कलाकारों ने साबित किया है कि मजबूत अभिनय और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस समय के साथ और ज्यादा खास बन सकती है।
अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले समय में ऐसे और कितने पुराने सितारे नई कहानियों के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करते हैं।