पटना: सूर्य उपासना के महापर्व चैती छठ को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पटना के गंगा घाटों पर सुरक्षा, रोशनी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की जा रही है।
इस वर्ष चैती छठ महापर्व 22 से 25 मार्च तक मनाया जाएगा। 22 मार्च को नहाय-खाय, 23 मार्च को खरना, 24 मार्च को संध्याकालीन अर्घ्य और 25 मार्च को प्रातःकालीन अर्घ्य दिया जाएगा। जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घाटों पर दण्डाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही SDRF, NDRF की टीमों और गोताखोरों को भी मुस्तैद रखा जाएगा। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने 22 से 25 मार्च तक नदियों में निजी नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सभी अनुमंडल और अंचल अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न घाटों को कई सेक्टर में बांटकर मोटर बोट, गोताखोर और जवानों के साथ SDRF की टीमों की तैनाती की जा रही है।
इसके अलावा घाटों पर लाइफ जैकेट, महाजाल और अन्य जरूरी संसाधनों के साथ पंजीकृत नावों और नाविकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष, डायल-112 या जिला आपातकालीन संचालन केंद्र पर संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
जिलाधिकारी ने पटना नगर निगम के अधिकारियों के साथ गंगा घाटों का निरीक्षण कर भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं।
छठव्रतियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दानापुर से पटना सिटी तक करीब 54 गंगा घाटों को 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है। यहां बैरिकेडिंग, स्वच्छता, शौचालय, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।