Nalanda: नालंदा के सदर अस्पताल में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया, जब इमरजेंसी गेट पर मरीज के परिजनों और सुरक्षा गार्ड के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। करीब 10 मिनट तक अस्पताल परिसर रणक्षेत्र बना रहा और इस दौरान जमकर लात-घूंसे चले।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक मरीज की हालत गंभीर थी और परिजन उसे तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराना चाहते थे। इसी दौरान गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने अस्पताल के नियमों का हवाला देते हुए सीमित लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी, जिस पर विवाद शुरू हो गया।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन अंदर जाने की जिद पर अड़े रहे। पहले कहासुनी हुई, फिर बहस बढ़ी और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की से होते हुए हाथापाई तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिससे वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई।
घटना के दौरान अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ समय के लिए इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं और आने-जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही अस्पताल के अन्य सुरक्षा कर्मी और स्टाफ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
घटना के बाद मरीज के परिजनों ने सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अस्पताल में अक्सर असंवेदनशीलता देखने को मिलती है। उनका कहना है कि संकट के समय सहयोग और सहानुभूति की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें सख्ती और बदसलूकी का सामना करना पड़ता है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने जांच की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।