मुजफ्फरपुर में निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्ती, फीस बढ़ोतरी पर प्रशासन का शिकंजा

Crackdown on Arbitrary Practices by Private Schools in Muzaffarpur; Administration Tightens Grip on Fee Hikes

मुजफ्फरपुर: तिरहुत प्रमंडल में निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि और नामांकन के नाम पर की जा रही मनमानी पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और उन पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश
गुरुवार को आयुक्त की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें तिरहुत प्रमंडल के सभी छह जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और अभिभावक संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाना और सरकारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था।

7% से अधिक फीस बढ़ोतरी पर रोक
आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने स्पष्ट किया कि कोई भी निजी विद्यालय एक शैक्षणिक सत्र में 7 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकता। इससे अधिक वसूली को सीधे तौर पर अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कई स्कूल विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क और अन्य मदों के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूलते हैं, जो पूरी तरह गलत और अवैध है।

जुर्माने का कड़ा प्रावधान
प्रशासन ने नियम तोड़ने वाले स्कूलों के लिए सख्त दंड का प्रावधान किया है:

  • पहली बार उल्लंघन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना
  • दूसरी बार उल्लंघन पर 2 लाख रुपये का जुर्माना
  • बार-बार नियम तोड़ने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा

अभिभावकों को बड़ी राहत
नामांकन शुल्क, अर्धवार्षिक शुल्क और अन्य छिपे शुल्कों के नाम पर की जाने वाली अवैध वसूली को भी जांच के दायरे में रखा गया है। आयुक्त ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि हर स्कूल तक यह जानकारी पहुंचे।

निगरानी होगी और सख्त
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों की बैलेंस शीट और फीस स्ट्रक्चर की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावक संघों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया है।

आयुक्त ने दो टूक कहा कि शिक्षा को व्यापार बनाने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय है।

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