नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। अगले महीने फरवरी में 70 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। जहां सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली में तीसरी बार अपनी जीत की योजना बना रही है, वहीं भाजपा और कांग्रेस इस बार ‘आप’ के किले को ढहाने की जंग में हैं। हालांकि, भाजपा के लिए दिल्ली में सत्ता में वापसी करना आसान नहीं होगा, क्योंकि कई सीटों पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का दबदबा रहा है।
सीलमपुर सीट पर मुकाबला सशक्त
सीलमपुर विधानसभा सीट पर पिछले दो चुनावों से आम आदमी पार्टी का कब्जा रहा है। यह सीट उत्तर-पूर्व दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में आती है और मुस्लिम बाहुल्य है। इस सीट पर भाजपा का खाता अब तक नहीं खुल पाया है। 2025 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जुबैर चौधरी को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने अब्दुल रहमान और भाजपा ने अनिल गौड़ को मैदान में उतारा है।
सीलमपुर सीट का चुनावी इतिहास
2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने अब्दुल रहमान को मैदान में उतारा था, जबकि भाजपा ने कौशल कुमार मिश्रा और कांग्रेस ने मतीन अहमद को टिकट दिया था। इस चुनाव में छह प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें आम आदमी पार्टी के अब्दुल रहमान ने जीत दर्ज की।
पार्टी के लिए बदलती राजनीतिक स्थिति
1993 में मतीन अहमद ने जनता दल के टिकट पर सीलमपुर सीट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 1998 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की, और फिर 2003 में कांग्रेस में शामिल होकर इस सीट पर लगातार जीत हासिल की। 2015 में आम आदमी पार्टी की लहर में मतीन अहमद हार गए थे। इस बार 2020 में आम आदमी पार्टी के अब्दुल रहमान ने जीत की झंडा लहराया।
वोटिंग की तारीख
दिल्ली विधानसभा चुनाव में सीलमपुर विधानसभा सीट पर मतदान 5 फरवरी को होगा। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर एक चरण में मतदान होगा, जबकि नतीजों की घोषणा 8 फरवरी को की जाएगी। सीलमपुर सीट पर पुरुष मतदाताओं की संख्या 100,866, महिला मतदाताओं की संख्या 91,266 और थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 4 है। कुल मतदाता संख्या 1,92,136 है।
इस बार भी सीलमपुर सीट पर सियासी मुकाबला दिलचस्प होगा, क्योंकि कांग्रेस और भाजपा दोनों ने इस सीट को अपने कब्जे में लेने के लिए जोर-शोर से तैयारी की है।