पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में अवैध शराब कारोबार से गठजोड़ रखने और कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप में दो थानाध्यक्ष, एक दारोगा और एक चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जिले में पुलिस और शराब माफियाओं की मिलीभगत है। इन शिकायतों की गंभीरता से जांच कराई गई, जिसके बाद दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की गई।
निलंबित अधिकारी और आरोप:
पीपराकोठी थानाध्यक्ष खालिद अख्तर पर गैस और तेल कटिंग गिरोह के खिलाफ कार्रवाई न करने और कुख्यात तस्कर रोजा मियां को संरक्षण देने का आरोप है। डीआईजी चंपारण की अनुमति के बाद उन्हें निलंबित किया गया।
बीजधरी ओपी के थानाध्यक्ष राजीव कुमार और चौकीदार रंजन कुमार पर शराब माफियाओं से सांठगांठ और निर्दोषों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोप में कार्रवाई हुई है। चौकीदार रंजन पर पहले भी इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी है।
गड़हिया ओपी में तैनात दारोगा मुन्ना सिंह को ₹5000 रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किया गया है। पीड़ित प्रवेज आलम ने इसका ऑडियो साक्ष्य पुलिस को सौंपा था, जिसे सही पाया गया।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट कहा है कि नशे के कारोबार और उससे जुड़े भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा, “पुलिस को जवाबदेह और पारदर्शी बनाना हमारी प्राथमिकता है, दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”