नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए पहली बार ‘जिहादी ड्रग’ कही जाने वाली ‘कैप्टागन’ की बड़ी खेप जब्त की है। इस अंतरराष्ट्रीय अभियान के तहत एजेंसियों ने करीब 182 करोड़ रुपये कीमत की ड्रग्स बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक विदेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत की गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ के संकल्प को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह अभियान भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का मजबूत उदाहरण है।
अमित शाह ने कहा कि भारत अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी हालत में ड्रग्स तस्करी के लिए नहीं होने देगा। देश में आने या यहां से बाहर भेजे जाने वाले हर ग्राम नशीले पदार्थ पर कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम की सराहना करते हुए उन्हें बहादुर और सतर्क योद्धा बताया।
बताया जा रहा है कि ‘ऑपरेशन रेजपिल’ एनसीबी द्वारा चलाया गया एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य अवैध ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त करना है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस तरह की ड्रग्स न केवल युवाओं को बर्बादी की ओर धकेलती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अपराध और आतंक नेटवर्क को भी बढ़ावा देती हैं।
‘कैप्टागन’ दरअसल फेनेथिलिन नामक एम्फेटामिन आधारित ड्रग का रूप है। मिडिल ईस्ट के युद्धग्रस्त इलाकों और आतंकी संगठनों के लड़ाकों के बीच इसके इस्तेमाल के कारण इसे ‘जिहादी ड्रग’ कहा जाता है। माना जाता है कि इसका सेवन करने के बाद इंसान को दर्द, डर और थकान का एहसास कम होने लगता है, जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों और युद्ध जैसी परिस्थितियों में किया जाता रहा है।