नौकरी के नाम पर 4 लाख की धोखाधड़ी और फिर हत्या: न्याय के लिए एसपी के पास पहुंची बेबस पत्नी..

Fraud of 4 lakh rupees in the name of a job, followed by murder: The helpless wife approached the SP for justice.

भोरे/गोपालगंज: ​भोरे थाना क्षेत्र के इंदल शाह हत्याकांड मामले में स्थानीय पुलिस की सुस्ती से तंग आकर पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाया है. घटना के 4 महीने बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान मृतक की पत्नी प्रियंका ने एसपी अवधेश दीक्षित से न्याय की गुहार लगाई है.

​क्या है पूरा मामला?

बता दे कि भोरे थाना क्षेत्र के भूखल छापर सिसई गांव निवासी इंदल शाह चिमनी भट्टे पर मजदूरी का काम करता था. और उसी से वह अपने परिवार का जीविका चलता था. इसी बीच उसकी मुलाकात यूपी के खामपार थाना इलाके के कोढवलिया गांव के मुना राम से हुई.कोढवलिया मृत इंदल शाह का ससुराल है. जहां अक्सर इंदल शाह जाया करता था.चुकी उसने अपनी पत्नी प्रियंका की छोटी बहन से भी शादी की थी.

इंदल के 6 बच्चे हैं पहली पत्नी से तीन और दूसरी तीन. इसी कड़ी में इसकी मुलाकात ससुराल के पड़ोसी से हुई और उसने सफाई कर्मी में नौकरी लगाने का ऑफर देकर अपने झांसे में ले लिया. लेकिन मृत को क्या पता था कि जिस नौकरी से जिंदगी संवर जाती है. इस नौकरी के लिए घुस में दिया गया रुपया एक दिन उसके मौत का कारण बन जाएगा. बरहाल पुरा मामला बीते 23 अगस्त की है.आरोप है कि मृतक इंदल शाह को मुन्ना राम और सुरेंद्र राम ही सिसई गांव से लखनऊ लेकर गए थे.इसके बाद इंदल लापता हो गए और बाद में उनका शव सीवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के एक पोखर से बरामद किया गया।

​हत्या की मुख्य वजह 4 लाख का लेनदेन…
परिजनों के अनुसार, हत्या की जड़ में 4 लाख रुपये का विवाद है. दरअसल, सफाई कर्मी की नौकरी लगवाने के नाम पर यह बड़ी रकम प्रमोद शाह को दी गई थी.काफी समय बीतने के बाद जब इंदल शाह ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों ने कथित तौर पर पैसे हड़पने की नीयत से उनकी हत्या कर शव को दूसरे जिले में फेंक दिया।

​पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल…
​पीड़िता प्रियंका का आरोप है कि भोरे थाने में मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर, मृतक की बाइक तक बरामद नहीं कर पाई है.इधर केस वापस लेने के लिए धमकियां मिल रही हैं जिससे परिवार दहशत में है।
स्थानीय पुलिस की सुस्त जांच से निराश होकर ही पीड़िता को जिला मुख्यालय की शरण लेनी पड़ी है.

क्या बोले एसडीपीओ..
​इस संबंध में हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया की ​मृतक का शव सीवान के मैरवा से बरामद हुआ था. पुलिस हत्या के असली कारणों और साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रही है. इस मामले में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी.अब देखना यह है कि एसपी के हस्तक्षेप के बाद इस गरीब परिवार को न्याय कब मिलता है और पुलिस की फाइल में दबे आरोपी कब सलाखों के पीछे पहुँचते हैं।

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