नई दिल्ली: दिल्लीवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों पर लागू ईंधनबंदी को फिलहाल चार महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस फैसले की घोषणा मंगलवार को हुई, जब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली सरकार के अनुरोध पर बैठक कर यह निर्णय लिया।
दिल्ली सरकार के आग्रह पर आयोग ने बदला फैसला
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा आयोग को लिखे पत्र में कहा गया था कि जब तक पूरे एनसीआर क्षेत्र में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान (ANPR) सिस्टम को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक ईंधनबंदी पर रोक लगाई जाए। इसी के मद्देनज़र, आयोग ने दिल्ली सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए 1 जुलाई से लागू होने वाले आदेश को टालने का निर्णय लिया।
अब 1 नवंबर से होगी सख्ती, एनसीआर के 5 ज़िले भी दायरे में
CAQM के अनुसार, 1 नवंबर 2025 से दिल्ली में ओवरएज वाहनों पर प्रतिबंध को फिर से लागू किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस बार कार्रवाई का दायरा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद और सोनीपत जैसे एनसीआर के पांच जिलों में भी ईंधनबंदी की नीति को एक साथ लागू किया जाएगा।
क्या था पहले का नियम?
दिल्ली में पहले से लागू नियमों के तहत:
- 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों और
- 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों
को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं थी। इन पर पेट्रोल पंपों से फ्यूल न देने और जब्त करने की कार्रवाई की जानी थी, जिसे अब 1 नवंबर तक टाल दिया गया है।
नज़रें अब ANPR सिस्टम पर
सरकार का कहना है कि जब तक पूरे एनसीआर क्षेत्र में ANPR सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक ईंधनबंदी जैसे आदेशों पर अमल करना व्यवहारिक नहीं होगा। आगामी महीनों में तकनीकी व्यवस्था को दुरुस्त करने के बाद यह पाबंदी फिर से प्रभाव में लाई जाएगी।