नई दिल्ली: हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति लगातार तीसरी बार निर्विरोध चुना गया है। यह उनके प्रति सदन के गहरे विश्वास और उनके नेतृत्व की स्वीकृति को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि लगातार तीसरी बार इस पद पर चुना जाना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हरिवंश के अनुभव, संतुलित दृष्टिकोण और सभी को साथ लेकर चलने की उनकी कार्यशैली पर सदन ने एक तरह से मुहर लगाई है।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
हरिवंश नारायण सिंह का जीवन संघर्ष और सादगी का उदाहरण रहा है। वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा के निवासी हैं।
उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की और 1980 के दशक में हिंदी पत्रिका ‘धर्मयुग’ से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी के रूप में भी कार्य किया, लेकिन बाद में नौकरी छोड़कर फिर पत्रकारिता में लौट आए।
साल 1989 में वे रांची से प्रकाशित अखबार ‘प्रभात खबर’ से जुड़े और अपनी मेहनत के दम पर आगे चलकर इसके संपादक बने। वर्ष 2014 में जेडीयू के टिकट पर राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने संपादक पद से इस्तीफा दे दिया। सक्रिय राजनीति में आने से पहले वे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के राजनीतिक सलाहकार भी रह चुके हैं।
कुल मिलाकर, हरिवंश नारायण सिंह का यह पुनर्निर्वाचन उनके लंबे अनुभव, संतुलित नेतृत्व और संसदीय कार्यशैली पर सदन के भरोसे को दर्शाता है।