हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का खुलासा: 80% आईटी कर्मचारी फैटी लिवर से ग्रस्त

Hyderabad University researchers reveal: 80% of IT employees suffer from fatty liver

हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपनी हालिया रिसर्च में फैटी लिवर की समस्या पर चौकाने वाले खुलासे किए हैं। इस अध्ययन के अनुसार, भारत में 80% आईटी कर्मचारी फैटी लिवर से प्रभावित हैं। शोध में यह बताया गया कि लंबे समय तक कुर्सी पर बैठना, खराब खानपान, कम नींद और लगातार बढ़ता स्ट्रेस इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। इस वजह से कई आईटी प्रोफेशनल्स मोटापे का शिकार भी होते हैं।

आईटी प्रोफेशनल्स में फैटी लिवर की समस्या
भारत का आईटी सेक्टर देश के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। इस क्षेत्र में काम करने वाले लोग अधिकांश समय कुर्सी पर बैठकर लैपटॉप पर काम करते हैं, जिससे उनके शरीर का मूवमेंट बहुत कम हो जाता है। एसी में रहना, तला-भुना और जंक फूड खाना, अधिक स्ट्रेस, शराब और सिगरेट का सेवन, और नींद की कमी फैटी लिवर की समस्या को जन्म देती है। यही कारण है कि आईटी कर्मचारियों में यह समस्या इतनी बड़ी मात्रा में फैल चुकी है।

क्या है फैटी लिवर?
फैटी लिवर तब होता है जब लिवर में अधिक फैट जमा हो जाता है या सूजन आ जाती है। यह खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण होता है। इसके लक्षणों में मितली, उलटी, भूख न लगना, थकान, कमजोरी और वजन कम होना शामिल हो सकते हैं। अगर फैटी लिवर बढ़ जाता है तो शरीर में कमजोरी लगातार बढ़ने लगती है।

फैटी लिवर से बचने के उपाय
फैटी लिवर से बचने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे। तला-भुना और मसालेदार खाना कम करना होगा। इसके अलावा, नियमित व्यायाम फैटी लिवर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। मोटापा फैटी लिवर के लिए एक प्रमुख कारण है, इसलिए इसे नियंत्रित करना और डायबिटीज की समस्या को कम करना भी महत्वपूर्ण है।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।

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