न्यूयॉर्क: अमेरिका ने 25 साल पहले खसरे को खत्म करने की घोषणा की थी, लेकिन अब यह बीमारी एक बार फिर देश के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गई है। खासकर पश्चिमी टेक्सास में खसरे के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी के अंत से शुरू हुए इस प्रकोप के चलते टेक्सास में अब तक 700 से अधिक लोग खसरे से संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। यह संक्रमण अब अमेरिका के अन्य राज्यों में भी फैल चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में खसरे से एक दशक बाद पहली मौत भी दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और महामारी वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रकोप एक साल से ज्यादा समय तक चल सकता है, जिससे अमेरिका का “खसरा-मुक्त” देश का दर्जा खतरे में पड़ सकता है। बता दें कि अमेरिका ने साल 2000 में देशभर में टीकाकरण अभियान चलाकर खसरे को समाप्त घोषित किया था, जिसमें बच्चों को एमएमआर (खसरा, कण्ठमाला और रूबेला) वैक्सीन दी गई थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, किसी देश को खसरा-मुक्त तभी माना जाता है जब वहां कम से कम 12 महीने तक खसरे का स्थानीय स्तर पर कोई प्रसार न हो और निगरानी प्रणाली सशक्त हो। वहीं, अमेरिकी सीडीसी (रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र) के अनुसार, जब कोई बीमारी किसी क्षेत्र में लगातार बनी रहती है, तो उसे स्थानिक माना जाता है।
टेक्सास स्वास्थ्य विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक, राज्य में खसरे के मामलों की संख्या 25 अप्रैल के बाद 17 की वृद्धि के साथ मंगलवार को 663 तक पहुंच गई। इनमें से सबसे अधिक मामले गेन्स काउंटी में हैं, जहां संक्रमितों की संख्या 396 हो गई है।
इसके अलावा अन्य राज्यों जैसे इंडियाना, कंसास, मिशिगन, मोंटाना, ओहियो, पेंसिल्वेनिया और टेनेसी में भी खसरे के तीन या उससे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। सीडीसी के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में खसरे के मामलों की कुल संख्या 900 के करीब पहुंच गई है। वर्ष 2024 में अब तक 884 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जो पिछले वर्षों की तुलना में तीन गुना अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी समुदाय में टीकाकरण की दर 95% से अधिक होती है, तो “हर्ड इम्युनिटी” के कारण खसरा जैसी बीमारियों का प्रसार रुक जाता है। लेकिन कोविड महामारी के बाद अमेरिका में बच्चों के टीकाकरण की दर में गिरावट आई है। कई माता-पिता धार्मिक या व्यक्तिगत कारणों से बच्चों को अनिवार्य टीकों से छूट दिलवा रहे हैं।
गौरतलब है कि 2024 में शिकागो में भी खसरे का बड़ा प्रकोप देखा गया, जहां 60 से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं।