हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) को अक्सर एक “साइलेंट किलर” कहा जाता है, लेकिन लो ब्लड प्रेशर (बीपी) भी उतना ही खतरनाक हो सकता है। जहां हाई बीपी नसों पर दबाव डालता है, वहीं लो बीपी का मतलब है कि आपके अंगों और नसों में पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पा रहा है। यह दोनों स्थितियां गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं और कुछ मामलों में जीवन के लिए खतरा भी बन सकती हैं। लोग अक्सर हाई बीपी को लेकर सजग रहते हैं, लेकिन लो बीपी को अक्सर हल्के में लिया जाता है, जो कि खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कि लो ब्लड प्रेशर किस तरह से हमारे शरीर के लिए घातक हो सकता है।
लो ब्लड प्रेशर के कारण
- शरीर में पानी की कमी
- दवाएं (जैसे कि हाई बीपी के लिए दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट, और कुछ पेनकिलर्स)
- हृदय की समस्याएं
- डायबिटीज या थायरॉयड की समस्याएं
- गंभीर इंफेक्शन
- एलर्जी रिएक्शन
- गर्भावस्था
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण
- चक्कर आना या बेहोशी
- धुंधली दृष्टि
- उल्टी आना
- थकान
- फोकस करने में कठिनाई
- ठंडी, चिपचिपी त्वचा
लो ब्लड प्रेशर के खतरे
- दिल का दौरा: लो ब्लड प्रेशर के दौरान दिल का दौरा पड़ सकता है। यह सबसे ज्यादा लो बीपी के दौरान होता है।
- स्ट्रोक: नसों और अन्य अंगों में पर्याप्त खून ना पहुंच पाने के कारण स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
- गुर्दे फेल होना: अगर लो बीपी ज्यादा हो जाए तो गुर्दे भी काम करना बंद कर सकते हैं।
- सदमा लगना: कई बार सदमा लगने के बाद भी लो ब्लड प्रेशर हो जाता है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
लो ब्लड प्रेशर का इलाज
कुछ मामलों में, जीवनशैली में बदलाव (जैसे अधिक पानी पीना और नमक का सेवन बढ़ाना) कारगर हो सकता है। अन्य मामलों में, दवाओं या चिकित्सा उपचारों की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा, लो बीपी से छुटकारा पाने के लिए आप निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं:
- अधिक पानी पिएं
- स्वस्थ आहार लें
- नियमित रूप से व्यायाम करें
- शराब और कैफीन का सेवन सीमित करें
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे सुझाव के तौर पर लें और इस पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।