पश्चिम बंगाल : तृणमूल कांग्रेस में बढ़ते असंतोष के बीच राज्यसभा सदस्यता से भी दिया इस्तीफा, राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने केवल पार्टी ही नहीं छोड़ी, बल्कि राज्यसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
सुखेंदु शेखर रॉय का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब तृणमूल कांग्रेस पहले से ही आंतरिक असंतोष और बगावत जैसी परिस्थितियों का सामना कर रही है। हाल के दिनों में पार्टी के कई नेताओं और विधायकों की नाराजगी खुलकर सामने आई है, जिससे संगठन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
अपने इस्तीफे के साथ रॉय ने पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाने का संकेत दिया। पिछले कुछ दिनों से वह सार्वजनिक रूप से पार्टी की स्थिति और अंदरूनी हालात को लेकर चिंता जताते रहे थे। उन्होंने यहां तक कहा था कि जिस तरह पार्टी में विधायकों का विद्रोह देखने को मिला है, वैसी स्थिति संसद में भी बन सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रॉय का इस्तीफा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वह लंबे समय से पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और संसद में TMC की आवाज़ माने जाते थे। उनके जाने से विपक्षी दलों को भी पार्टी पर निशाना साधने का मौका मिल सकता है।
इस घटनाक्रम ने उस समय और अधिक महत्व हासिल कर लिया, जब ममता बनर्जी दिल्ली में विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने पहुंची थीं। ऐसे मौके पर पार्टी के वरिष्ठ सांसद का इस्तीफा TMC के भीतर चल रही खींचतान को उजागर करता है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस लगातार चुनौतियों का सामना कर रही है। कई नेताओं के इस्तीफे, संगठनात्मक फेरबदल और बढ़ती नाराजगी ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सुखेंदु शेखर रॉय का पार्टी छोड़ना आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है।