नई दिल्ली: चिन्नास्वामी भगदड़ मामला — ट्रिब्यूनल ने IPS विकास कुमार का निलंबन रद्द किया, RCB को ठहराया जिम्मेदार

New Delhi: Chinnaswamy stampede case - Tribunal revokes suspension of IPS Vikas Kumar, holds RCB responsible

नई दिल्ली: केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने एक अहम फैसले में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी विकास कुमार विकास के खिलाफ कर्नाटक सरकार द्वारा जारी निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई 4 जून को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ के बाद की गई थी, जिसमें 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

🏟️ RCB को माना गया भगदड़ का जिम्मेदार
CAT ने अपने फैसले में कहा कि भगदड़ के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जिम्मेदार है, न कि पुलिस अधिकारी।
RCB ने बिना पुलिस की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया पर विजय जुलूस का आमंत्रण पोस्ट कर दिया, जिससे अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था के लिए महज 12 घंटे का समय मिला, जो बेहद कम था।

🗣️ ट्रिब्यूनल की सख्त टिप्पणी
CAT ने अपने फैसले में स्पष्ट शब्दों में कहा:

“पुलिसकर्मी भी इंसान हैं, न कि भगवान या जादूगर। उनके पास ‘अलादीन का चिराग’ नहीं है कि वो चुटकी में इंतजाम कर दें।”

👮‍♂️ IPS विकास कुमार को राहत
विकास कुमार उस समय बेंगलुरु वेस्ट ज़ोन के एडीशनल कमिश्नर और स्टेडियम के सुरक्षा प्रभारी थे।
CAT ने उनके निलंबन को निरस्त करते हुए आदेश दिया कि इस अवधि को उनकी सेवा में शामिल किया जाए।

👥 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर भी पुनर्विचार की सिफारिश
CAT ने कर्नाटक सरकार को यह भी सुझाव दिया कि वह बेंगलुरु के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद और DCP शेखर एच. टेक्कण्णावर के निलंबन पर पुनर्विचार करे।
फैसले में कहा गया:

“इन अधिकारियों के निलंबन का निर्णय पर्याप्त तथ्यों और सबूतों पर आधारित नहीं था।”

⚖️ सरकार को हाईकोर्ट में अपील का विकल्प
हालांकि, कर्नाटक सरकार चाहे तो इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकती है।

इस फैसले को पुलिस विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण नैतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जहां अचानक उत्पन्न हालातों में पूरी जिम्मेदारी पुलिस पर डालने की प्रवृत्ति पर न्यायिक टिप्पणी सामने आई है।

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