नई दिल्ली – केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों द्वारा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग तक निकाले गए मार्च को लेकर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि “एक आदमी की नासमझी और एक परिवार के कारण देश इतना नुकसान नहीं झेल सकता।”
मीडिया से बात करते हुए रिजिजू ने कहा,
“कांग्रेस और विपक्ष ने पहले ही बहुत समय बर्बाद किया है। अब हम संसद और देश का समय और खराब नहीं होने देंगे। सरकार आज लोकसभा और राज्यसभा में महत्वपूर्ण विधेयक पारित करेगी। विपक्ष को संसद में जनता की आवाज़ उठानी चाहिए, लेकिन वे केवल हंगामा करते हैं।”
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के कई सांसदों ने खुद कहा है कि उन्हें मजबूरी में विरोध करना पड़ता है।
“नेता जबरदस्ती हंगामा करवाते हैं, जबकि सांसदों को जनता की आवाज़ उठाने के लिए चुना गया है,” उन्होंने कहा।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की रणनीति पर भी सवाल
रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगा और आयोग ने हर पार्टी से दो-दो सदस्य भेजने को कहा।
“लेकिन इंडी गठबंधन 30 नाम तक तय नहीं कर पाया। अब खड़गे कह रहे हैं कि सभी सांसद वीआईपी हैं, तो क्या 150 लोग चुनाव आयोग के कमरे में जाएंगे?” उन्होंने तंज कसा।
संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जताने का आरोप
रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्हें न संसद, न चुनाव आयोग, और न ही सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है।
“इंडी गठबंधन बार-बार देश की संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है। यह देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला नाटक है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने विपक्ष से अपील की,
“हम विधेयक पास करेंगे। विपक्ष को चर्चा में भाग लेना चाहिए, बाद में यह न कहें कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया।”
मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया
बता दें कि विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग तक मार्च किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।