दानापुर: पंचायत सचिव और आरजेडी विधायक भाई वीरेन्द्र के बीच चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। पंचायत सचिव पर घूस लेने का आरोप लगाने वाली महिला पिंकी देवी अब न्याय की तलाश में कोर्ट पहुंच चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उन्हें अपने पति का डेथ सर्टिफिकेट चाहिए और इसके लिए अब उन्हें अदालत से ही उम्मीद है।
कोर्ट में लगाई इंसाफ की गुहार
पिंकी देवी दानापुर कोर्ट पहुंचीं और कहा कि उन्हें अपने बच्चे के स्कूल एडमिशन के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए, लेकिन पंचायत सचिव ने इसके बदले 1500 रुपए की मांग की। पिंकी का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नहीं थे, और जब उन्होंने अपनी मजबूरी बताई, तो सचिव ने उन्हें धक्का देकर भगा दिया।
“1500 रुपए मांगे, कहा ऊपर तक देना होता है”
पिंकी देवी ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव ने उनसे कहा कि डेथ सर्टिफिकेट की वैध समयसीमा खत्म हो चुकी है, इसलिए अब उसे बनवाने के लिए अधिक पैसे खर्च करने होंगे। सचिव ने साफ कहा कि ये पैसे ऊपर तक देने पड़ते हैं, इसलिए छूट नहीं मिल सकती।
पैसे नहीं दिए तो किया दुर्व्यवहार
पिंकी देवी ने बताया कि जब वह पहली बार गईं तो उन्होंने 1500 रुपए दिए, लेकिन दूसरी बार फिर से पैसे मांगे गए। जब उन्होंने असमर्थता जताई, तो सचिव ने उन्हें धक्का दिया और कहा – “जहां जाना है जाओ”।
बच्चे के एडमिशन के लिए जरूरी है प्रमाण पत्र
पिंकी देवी ने बताया कि उनके पति की हाल ही में मृत्यु हुई है और अब हर सरकारी और निजी कार्य के लिए उन्हें डेथ सर्टिफिकेट की जरूरत है। सबसे जरूरी उनके बच्चे का स्कूल एडमिशन है, जिसके लिए स्कूल प्रशासन यह दस्तावेज मांग रहा है।
“पंचायत से नहीं मिला प्रमाण पत्र, तब विधायक के पास जाना पड़ा”
पिंकी देवी ने पंचायत सचिव और विधायक के बीच चल रही तनातनी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह खुद एक पीड़ित महिला हैं, हाल ही में पति की मौत हुई है। वह ऐसे विवादों में नहीं फंसना चाहती थीं, लेकिन जब पंचायत से उन्हें न्याय नहीं मिला, तब मजबूरी में विधायक भाई वीरेन्द्र से सहायता की गुहार लगाई।
यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन चुका है, और देखना होगा कि कोर्ट इस पर क्या रुख अपनाती है।