नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता मिलने के साथ ही पाकिस्तान एक बार फिर अपने पुराने एजेंडे पर लौट आया है। वह इस वैश्विक मंच का इस्तेमाल भारत के खिलाफ दुष्प्रचार और अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने की दोहरी रणनीति के तहत करना चाहता है।
सूत्रों के मुताबिक, इस सप्ताह होने वाली एक उच्च-स्तरीय खुली बहस के दौरान पाकिस्तान कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश कर सकता है। साथ ही वह इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को संयुक्त राष्ट्र में मजबूत भूमिका दिलाने की भी कोशिशों में जुटा है।
इस बहस की अध्यक्षता पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार करेंगे, जिसका विषय है: ‘अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान’। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान इसी मंच का फायदा उठाकर भारत के खिलाफ कश्मीर मुद्दे को हवा देने की योजना बना रहा है।
पाकिस्तान के इरादे पहले ही हो चुके हैं साफ
पाकिस्तान की मंशा तब उजागर हुई जब 1 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र में उसके स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा था,
“अब समय आ गया है कि कश्मीर विवाद का समाधान निकाला जाए। यह जिम्मेदारी सिर्फ पाकिस्तान की नहीं, बल्कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की भी है।”
OIC को संयुक्त राष्ट्र में घुसाने की कोशिश
इसके अलावा पाकिस्तान, OIC और संयुक्त राष्ट्र की साझेदारी पर भी अलग बैठक आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान चाहता है कि 57 मुस्लिम देशों वाला यह संगठन संयुक्त राष्ट्र में अपनी पकड़ मजबूत करे। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से OIC लगातार भारत विरोधी रुख अपनाता रहा है।
भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया
भारत, OIC और UNSC के बीच बढ़ती निकटता को लेकर चिंतित है और ऐसा माना जा रहा है कि वह इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा। भारत का मानना है कि OIC का ट्रैक रिकॉर्ड पक्षपातपूर्ण और भारत विरोधी रहा है, और इस कारण से संयुक्त राष्ट्र के साथ इसकी साझेदारी निष्पक्ष नहीं हो सकती।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्टर 8 के तहत यूएन क्षेत्रीय संगठनों से साझेदारी कर सकता है, जैसा कि अफ्रीकन यूनियन के साथ करता रहा है। लेकिन OIC की भूमिका और बयानबाजी को देखते हुए, भारत ने अपनी आपत्तियाँ पहले भी दर्ज कराई हैं और अब भी पूरी तरह सतर्क है।
निष्कर्ष
UNSC की अध्यक्षता पाकर पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की कोशिश में है, लेकिन भारत ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह हर स्तर पर इस प्रयास का करारा जवाब देगा। आने वाले दिनों में सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है।